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What is DNS? | DNS Working, Packet Flow & Records | Hindi + English transcript

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हेलो फ्रेंड्स, वेलकम टू आईटी इंडेक्स। आज जिस प्रोटोकॉल के बारे में हम बात करने वाले हैं, वो बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रोटोकॉल है इंटरनेट के केस में जिस पे हम बात कर रहे हैं डीएनएस डोमेन नेम सिस्टम। डीएनएस का रोल क्या है? मतलब कैसे क्वेरी रिज़ॉल्व होती है और कैसे आप वेबसाइट ओपन करते हो? ए टू जेड वन बाय वन सारे पॉइंट्स क्लियर करेंगे विद ट्रबल शूटिंग। राइट? तो वन बाय वन आप हमारे साथ रहो। सारी चीजें समझेंगे। पहले डीएनएस के टर्म पे चलते

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हेलो फ्रेंड्स, वेलकम टू आईटी इंडेक्स। आज जिस प्रोटोकॉल के बारे में हम बात करने वाले हैं, वो बहुत ही इंपॉर्टेंट प्रोटोकॉल है इंटरनेट के केस में जिस पे हम बात कर रहे हैं डीएनएस डोमेन नेम सिस्टम। डीएनएस का रोल क्या है? मतलब कैसे क्वेरी रिज़ॉल्व होती है और कैसे आप वेबसाइट ओपन करते हो? ए टू जेड वन बाय वन सारे पॉइंट्स क्लियर करेंगे विद ट्रबल शूटिंग। राइट? तो वन बाय वन आप हमारे साथ रहो। सारी चीजें समझेंगे। पहले डीएनएस के टर्म पे चलते हैं कि डोमेन नेम सिस्टम डोमेन क्या है भाई? डोमेन जैसे आप सुनते हो कि gmail.com abc.com facebook.com it.in.org तो जो लास्ट में.org.in ये सारी चीजें लगी हैं। ये टॉप लेवल डोमेन है। आप कहोगे सर ये टॉप लेवल डोमेन क्या है? आप ऐसे समझो बहुत सारे आप वेबसाइट्स ओपन करते हो जिसके आगे लगा होता है उसका अपना सर्वर अलग है मतलब टॉप लेवल डोमेन का अलग है सर्वर और का अलग हैg का अलग है जब हम डोमेन नेम परचेस करते हैं तो हमारे पास ऑप्शन होता है हम का लें या का लें याorg लें सबके अलग-अलग पर्पस है रिप्रेजेंट करता है अपने इंडिया को आपका ग्लोबल हो गया आप ऑर्गेनाइजेशनल के लिए हो गया। ठीक? गवर्नमेंट के लिए आपने देखा होगा। बहुत सारी चीजें हैं। बट अभी आप ऐसा समझो कि डीएनएस का मतलब जो डोमेन का मतलब है वो रिलेटेड टू है डोमेन नेम। आप जैसे डॉटgov ये सब अलग-अलग हैं। राइट? आप कहोगे सर अलग-अलग नहीं समझ। अलग-अलग ये है कि डॉट का सर्वर ये है। ये ऑर्गेनाइजेशन अलग है जोcom मैनेज करता है और ये अलग है।gov अलग है। ओके तो ये हो गया डोमेन टर्म। आप कंप्लीट डोमेन नेम पे ना जाओ। जैसे gmail.com इसको तो डोमेन नेम बोल दिया ना नाम टर्म आगे ऐड कर दिया। केवल डोमेन बोलोगे तो आप इसके साथ जाओगे। ठीक है? अब आ जाओ नेम। नेम का मतलब जैसे अब यहां पे Google लिखा है तो Google.com तो ये डोमेन नेम हो गया। डोमेन नेम हो गया। अब सिस्टम क्या बचा है? जैसे हमने बोला Google.com तो डोमेन नेम है। it इंडेक्स.in डोमेन नेम है। राइट? तोin क्या है? डोमेन है। आईटी इंडेक्स क्या है? नेम है। तो डोमेन नेम हो गया। क्लियर हो गया बात? बहुत बेसिक पे बात कर रहे हैं। ठीक है? सिस्टम सिस्टम क्या है? इट इज़ अ ग्लोबल सेटअप ऑफ़ सर्वर्स लाइक दैट सपोज़ आप www.itे.in भाई जिस सिस्टम पे आपने अपना डोमेन नेम सेटअप किया है उसको क्या बोलेंगे? सिस्टम। तो www.it indx.in वर्ल्ड वाइड वेब सर्विस है या फिर आप ये जो www लिखा है ये होस्ट फाइल भी होती है। मतलब आपका डिवाइस नेम कंप्यूटर नेम बोल सकते हो। जब आप डीएनएस सेटअप करेंगे हम लोग सर्वर में तब देखेंगे इसको बोलते हैं होस्ट फाइल। राइट? आप जैसे आपके कंप्यूटर का नाम है कानपुर। तो kanpur.itix.in इसको आप चेंज कर सकते हो। होस्ट फाइल नहीं ऐड कर सकते हो डीएनएस रिकॉर्ड्स के अंदर। बात करेंगे बाद में। अभी हमसे क्लियर हो गया आपको कि डोमेन नेम सिस्टम राइट 1 मिनट 1 मिनट डोमेन मींस नेम मींस google.com मींस डोमेन नेम सिस्टम मतलब जिस पे आपने उस डोमेन नेम को सेटअप किया है। क्लियर? बिल्कुल बेसिक से बात कर रहे हैं। तो वन बाय वन डिस्कस करेंगे। ओके? अब आगे आ जाओ। डीएनएस किस लेयर पे काम करता है? डीएनएस स्टैंड फॉर डोमेन डोमेन नेम सिस्टम। इट इज़ अ एप्लीकेशन लेयर प्रोटोकॉल। अब आप कहोगे सर ये एप्लीकेशन लेयर प्रोटोकॉल जहां पे आप बात करते हो एसटीp की बात करते हो, https की बात करते हो। राइट? लेयर सेवन की बात कर रहा हूं। एप्लीकेशन लेयर मींस लेयर सेवन। तो डीएनएस जो किस लेयर पे काम करता है? एप्लीकेशन लेयर पे काम करता है। डीएनएस का काम क्या होता है? अभी मैं डीएनएस का पूरा स्टेप्स बताऊंगा आपको डीएनएस क्वेरी से रिलेटेड। अभी पहले इसको समझते हैं। डीएनएस का काम है नेम टू IP एंड IP टू नेम रेोल्यूशन देना। मतलब जब हम डोमेन नेम से कोई वेबसाइट ओपन करते हैं तो वेबसाइट में डोमेन नेम देते हैं। तो जब डोमेन नेम से तो एक्चुअल में वेबसाइट तो IP एड्रेस पे होस्ट होती है। तो बीच में एक सर्वर है जो हमारे डोमेन नेम को IP में रिज़ॉल्व करता है और IP टू नेम मतलब दोनों काम है। ज़ोन होता है एक फॉरवर्ड लुकअप ज़ोन, एक रिवर्स लुकअप ज़ोन। कॉन्फ़िगरेशन के टाइम पे बात करेंगे। अभी इतना समझो। नेम से रिक्वेस्ट जाती है। आईपी में रिॉल्व करता हूं और आईपी से अगर गई है तो नेम में रिॉल्व करने का काम किसका होता है? डीएनएस सर्वर का। बट रिकॉर्ड्स मेंटेन होने चाहिए डीएनएस के पास। ओके? यूडीपी पोर्ट नंबर यूज़ करता है। अब यहां पे समझने वाली बात है कि डीएनएस यूडीपी यूज़ करता है। यूजर डाटाग्राम प्रोटोकॉल। पोर्ट नंबर यूज़ करता है 53। बट आपको कहीं यह भी देखने को मिल जाएगा कि डीएनएस TCP यूज़ कर रहा है पोर्ट नंबर 53 तो डीएनएस यू वैसे रैंडमली अगर आप पढ़ोगे कहीं बात को तो डीएनएस यूडीपी यूज़ करता है पोर्ट नंबर 53 बट TCP 53 की कंडीशन क्रिएट ये होती है कि अगर कोई लार्ज फाइल कोई बड़ी फाइल ट्रांसफर कर लिया डीएनएस सिक्योरिटी की बात कर रहे हो एट दैट टाइम आपका TCP यूज़ होगा और डीएनएस प्रोटोकॉल नंबर जो यूज़ करता है वो 17 यूज़ करता है हो लगता है आप मेरा यह फर्स्ट टाइम वीडियो देख रहे हो तो आपको यह डिफरेंस क्रिएट नहीं हो पा रहा है कि प्रोटोकॉल क्या है और पोर्ट नंबर क्या है? तो प्रीवियसली मैंने पूरी डिटेलिंग बताई है अच्छे से कि प्रोटोकॉल एक अलग चीज है। पोर्ट नंबर एक अलग चीज है। क्योंकि डीएनएस का अपना खुद का कोई प्रोटोकॉल नंबर नहीं होता है। इसलिए डीएनएस टीसीपी का प्रोटोकॉल नंबर 17 यूज़ करता है। राइट? क्लियर हो गई बात आपको? ओके। यही लिखा है कि प्रोटोकॉल नंबर ऑफ़ डीएनएस इज़ 17 बिफोर डीएनएस वी यूज़्ड टू मैनुअल फाइल एंड कॉल द होस्टtxt ये इंपॉर्टेंट पॉइंट है। डीएनएस के पहले क्या यूज़ होता था? डीएनएस के पहले हमारे कंप्यूटर में इंटरनली जैसे Windows है तो Windows नाम का फोल्डर मिलेगा। उसके बाद सिस्टम 32 मिलेगा। राइट? और सिस्टम 32 के अंदर आप जाओगे तो ईटीसी नाम का फोल्डर मिलेगा। और ईटीसी के अंदर एक होस्ट फाइल मिलेगी। उस होस्ट फाइल में आपको रिकॉर्ड मिलते हैं। अगर आप चाहोगे तो अपने कंप्यूटर में ओपन करके देख सकते हो। राइट? ईटीसी ईटीसी के अंदर जो फाइल मिलेगी वो होस्ट के नाम से मिलेगी। उसको डबल क्लिक करके ओपन करोगे खुल जाएगी। तो इनिशियली जब डीएनएस का रोल नहीं था। उस टाइम पे क्या रोल था? होस्ट नाम की जो फाइल थी उसका रोल था। उसी के थ्रू रिकॉर्ड्स लोकल मेंटेन होते थे, रिॉल्व होते थे। ठीक है? फाइनली होस्ट फाइल पे बात तो कर ली हम लोगों ने। नेक्स्ट पॉइंट पे आते हैं। ओके अब हम आईटी इंडेक्स डॉटin की बात कर रहे हैं क्योंकि जो अपनी वेबसाइट है इसी वेबसाइट पे कोर्सर्सेस हैं। ठीक है? डे बाय डे हम लोग चीजें लेके आ रहे हैं। आप अभी सिलेक्टेड कुछ कोर्सर्सेस हैं। ccna एनपी चेक पॉइंट फॉलो ऑल्टो और sिको मेरा क्लाउड विद रियल डिवाइसेस। ठीक है? उसके साथ आप देख सकते हो। हाउ डीएनएस वर्क। यहां पे बात करते हैं। डायग्राम तो आपको सामने देखने को मिल रहा है। बट मैं आपको ऐसे समझाता हूं। अपने पास ब्रॉडबैंड का राउटर लगा है जिसके थ्रू हमको इंटरनेट मिल रहा है। ठीक? मैंने अपना लैपटॉप ऑन किया और मैं आईएसपी का दिया हुआ जो ब्रॉडबैंड का राउटर है उससे कनेक्ट हो जाता हूं। जब भी आप अपने कंप्यूटर में IP कॉन्फ़िग स्लैश ऑल चलाओगे तो आपको IP एड्रेस, सबनेट मास्क, गेटवे एंड डीएनएस दिखेगा। तो आप क्या देखोगे कि आपके कंप्यूटर में जो डीएनएस की जगह आईपी लिखा हुआ है वो राउटर का आईपी लिखा है जो आईएसपी ने आपको दिया है। एक्चुअल में वो तो डीएनएस है नहीं भाई डीएनएस की क्वेरी कहां से रिॉल्व होगी? डीएनएस सर्वर से रिज़ॉल्व होगी ना। लेकिन जब आप अपने कंप्यूटर में चेक करोगे IP एड्रेस की इनेशन तो प्रेफर्ड डीएनएस एंड अल्टरनेट डीएनएस दो ऑप्शन आते हैं। तो प्रेफर्ड डीएनएस में IP कौन सा पड़ा है? वही गेटवे जो गेटवे में आईपी है वही प्रेफर डीएनएस में आईपी है। इसका मतलब यह है कि लोकल कंप्यूटर पे जो भी क्वेरी हम डीएनएस क्वरी जनरेट करेंगे डीएनएस क्वरी जनरेट होगी कोई भी डोमेन नेम ओपन करेंगे मैं अपने कंप्यूटर में gmail.com facebook.com youtube.com ओपन करूंगा। तो वो क्वेरी कहां जाएगी? तो कंप्यूटर को बस इतना पता है क्या कि भाई यह हमें क्वेरी हमारे कंप्यूटर में IP एड्रेस टेबल के अंदर जो प्रेफर्ड डीएनएस में IP पड़ा है इस पे फाइनली भेज देनी। यह किसका IP है? आपके राउटर का आईपी। लोकल जो ब्रॉडबैंड का राउटर रखा है उसका आईपी। तो फिर ब्रॉडबैंड राउटर क्या करेगा? ब्रॉडबैंड राउटर को यह नहीं पता कि आपने Gmail खोलना है, Facebook खोलना है, उससे कोई लेना देना नहीं। वो फाइनली आपका जनरेट किया हुआ ट्रैफिक जो भी आपने भेजा है, वो अपने राउटर से इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर लाइक Jio से कनेक्शन लिया आपने। Airtel से लिया उनको भेज देगा। अब Jio Airtel वाले क्या करेंगे भाई?

Jio Airtel वालों के पास अपना डीएनएस रिज़ॉल्वर है। आईएसपी डीएनएस बोलते हैं उसको। राइट? उस आईएसपी डीएनएस के थ्रू क्वरी रिॉल्व होगी। तो iएसपी डीएनएस का क्या मेरे आईटी इंडेक्स.in के बारे में पता होगा नहीं। मैं फर्स्ट टाइम की बात कर रहा हूं। नहीं पता होगा। तो फिर वो क्या करेगा? तो जो आईएसपी का डीएनएस रिजॉल्वर है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का वो फाइनली क्वेरी भेज देगा रूट सर्वर को। आप कहोगे सर रूट क्या है? कुछ सेक्टेड रूट डीएनएस है वहां जाएगी। अब रूट पे ये डिसाइड होगा कि मेरा जो डोमेन नेम है मेरा जो मेरा जो डोमेन नेम है उसमें जो डोमेन है वो डॉट इन है। क्या है? आप बात समझो। प्रीवियसली मैंने बोला ना डोमेन का मतलब क्या है? org.com तो iएसपी का जो सर्विस प्रोवाइडर है उससे क्वेरी गई रूट डोमेन के सॉरी रूट के पास और रूट डीएनएस के बाद जो टॉप लेवल डोमेन है टॉप लेवल डोमेन टीएलडी टीएलडी कौन-कौन है? com है,org है, यह सब टीएलडी है। टॉप लेवल डोमेन है। मैंने आपको बोला कि रिजॉल्वर जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर है, उसके पास मेरे आईटी इंडेक्स के आईपी की कोई इंफॉर्मेशन नहीं है। तो रिज़ॉल्वर कहां जाएगा? रूट के पास। और रूट ने देखा कि आप किसके बारे में बात कर रहे हो? उसने कहा आईटी इंडेक्स.in के बारे में बात कर रहा हूं। रूट को आईटी इंडेक्स से मतलब नहीं था। रूट को टॉप लेवल डोमेन से मतलब था। डॉट इन से मतलब था। राइट? तो फाइनली जो रूट है उस रूट से इन रूट डीएनएस से इनेशन रूट सर्वर से इनेशन कहां आ जाएगी? टीएलडी के पास। किस टीएलडी के पास? इन वाले जो डॉट इन का टॉप लेवल डोमेन है उसके पास आ जाएगी। अब टीएलडी के पास जब इंफॉर्मेशन आई तो टीएलडी के बाद जो ऑथरिटेटिव डीएनएस है मतलब जिसके पास रियल हमारे आईटी इंडेक्स.in का IP एड्रेस है। उसके अब ये इनin में ही तो बना हुआ है मेरा आईटी इंडेक्स। तो फाइनली इन जो हमारा टीएलडी है उसको ये पता होगा कि आईटी इंडेक्स कहां है। क्लियर हो गई बात आपको? उसको ये पता होगा आईटी इंडेक्स क्या है? और उसके बाद अगला सर्वर क्या हो जाएगा? अगला सर्वर हमारा हो जाएगा ऑथरिटेटिव डीएनएस। ऑथरिटेटिव का मतलब जो हमारे आईटी इंडेक्स.in का रियल डीएनएस है। क्लियर? अब जो रियल डीएनएस है उससे डायरेक्ट जो रिप्लाई मिलेगा वह रिजॉल्वर को मिलेगा। आईएसपी वाला जो डीएनएस था उसको और रिजॉल्वर के पास आईपी पता चल जाएगा। आप कहोगे सर रिजॉल्वर कौन है? रिज़ॉल्वर वही जो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का आईएसपी है उसको यह पता चल जाएगा कि मेरे IT इंडेक्स.in वाला जो ऑथरिटेटिव डीएनएस जिसको बोला जिसके पास आईपी की इंफॉर्मेशन थी उससे IP की इंफॉर्मेशन पता चल गई इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर वाले रिजॉल्वर को। राइट? और उससे रिप्लाई किसको आ जाएगा? फाइनली जो सोर्स जिस कंप्यूटर से मैंने क्वेरी जनरेट की थी। क्लियर हो गई बात आपको? तो अभी आप इसको ऐसे समझो कि सबसे पहले मैंने आईटी इंडेक्स डॉट की वेबसाइट ओपन की। उससे हमारी आईटी इंडेक्स की जो क्वेरी गई वो क्वेरी जाने के बाद हमारी डीएनएस रिज़ॉल्वर के पास गई। डीएनएस रिज़ॉल्वर के बाद क्वेरी कहां चली गई? हमारा टीएलडी डीएनएस सर्वर अब ऐसे चलो इस तरीके से यह स्टेप फॉलो करो डीएनएस रिजॉल्वर कहां रखा है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास उसने कहां भेजा रूट के पास आप ऐसे समझो उससे रूट के पास या डायरेक्टली किसके पास चली गई टी एलडी जो टॉप लेवल डीएनएस सर्वर है और टॉप लेवल डीएनएस सर्वर को पता है कि आईटी इंडेक्स कहां है और उसके आईपी की इनेशन डायरेक्टली किस में आ गई रिज़ॉल्वर अभी मैं आपको आगे बताता हूं डायरेक्ट इस पे नहीं आएगी। जो ऑथरिटेटिव डीएनएस सर्वर है उससे रिज़ॉल्व। नेक्स्ट वाले में मुझे लग रहा है यह कुछ डायग्राम मिसिंग है इसमें। आगे बताता हूं। अच्छा यार मैं आपको बोर्ड पे बताता हूं। थोड़ा और समझ में आएगा मुझे लग रहा है। ठीक है? ये देखो। अब मैं अच्छे से एक्सप्लेनेशन आपको यहां पे समझ में आएगी। मैं बेसिक सा आईडिया दे रहा हूं कि मेरा यह यह राउटर है इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का। आईएसपी ने हमको यह राउटर दिया है। राइट? ब्रॉडबैंड राउटर। इस राउटर से मैंने इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर का इंटरनेट कनेक्शन ले लिया। राउटर के नीचे मैंने अपना एक लैंड नेटवर्क बनाया। इस लैंड नेटवर्क में जो मेरा यह कंप्यूटर है, यह इसने अपने यूआरएल के अंदर www.itे.in ओपन की क्वरी जनरेट की। यह जो कंप्यूटर है यह कह रहा है कि मेरे लिए डीएनएस तो यह है। आप कहोगे सर ये डीएनएस तो है ही नहीं। भाई इसकी आईपी टेबल ओपन करो। IP कॉन्फ़िग स्लैश ऑल यहां पर प्रेफर्ड डीएनएस के अंदर यही IPपी पड़ा हुआ है। राइट? तो ट्रैफिक कहां जाएगा? फाइनली क्वेरी आएगी इसके पास। इसको पता नहीं था कुछ। क्योंकि इस पे एक डिफॉल्ट रूट होता है। जब आप राउटिंग पढ़ते हो तो डिफॉल्ट रूट होता है। वो डिफॉल्ट रूट में ये होता है कि जो भी ट्रैफिक इधर से आए डायरेक्ट किसको भेज देना? आईएसपी को। तो वही क्वेरी कहां चली जाती है? आईएसपी। आईएसपी के पास अपना डीएनएस रिज़ॉल्वर है। राइट? आईएसपी के पास अपना खुद का डीएनएस सर्वर है। बट क्योंकि फर्स्ट टाइम वेबसाइट ओपन हो रही है तो आईएसपी का जो रिजॉल्वर है उसके डीएनएस कैसे में किसी भी तरह की आईटी इंडेक्स के आईपी की कोई इंफॉर्मेशन नहीं है। मैं फर्स्ट टाइम की बात कर रहा हूं। सेकंड टाइम तो एक टाइम पीरियड होता है। बात करेंगे कैसे के बारे में। ठीक? फिर इससे क्वेरी कहां चली जाएगी? रूट। रूट से कहां आएगी? टॉप लेवल डीएनएस। टॉप लेवल डीएनएस टॉप लेवल डीएनएस मतलब ठीक है इन के बाद जो ऑथरटेटिव डीएनएस मतलब अथरटेटिव मतलब आईटी इंडेक्स की इंफॉर्मेशन जिसके साथ होगी मतलब जिस सर्वर पे आईटी इंडेक्स विद आईपी एड्रेस राइट और इससे डायरेक्ट रिप्लाई किसको जाएगा जो डीएनएस रिजॉल्वर अब आप कहोगे सर डीएनएस रिज़ॉल्वर और इधर से वापस क्वेरी का रिप्लाई। ओके? अब इधर आप एक भाई ये तो फर्स्ट टाइम की बात थी। सेकंड टाइम क्या होगा? सेकंड टाइम देखो। अब यहां पे बात करते हैं कैसे की। कैसे वाला रोल बहुत बड़ा है। समझिएगा। ये आपका ऑथरिटेटिव डीएनएस है। ऑथरिटेटिव डीएनएस का मतलब जिधर आपके डीएनएस के रिकॉर्ड्स हैं। डीएनएस की सारा डेटाबेस वगैरह मेंटेन है। वो है। इधर एडमिनिस्ट्रेटर ने एक टीटीएल वैल्यू सेट कर दी। राइट? एक टाइम सेट कर दिया। कि कितने टाइम पीरियड तक ये रिजॉल्वर इसके IP एड्रेस की इंफॉर्मेशन अपने पास रखेगा। मतलब ये रिजॉल्वर अपना कैसे में इस आईटी इंडेक्स का आईपी किस टाइम पीरियड तक मेंशन करेगा ये इसके सेट किए हुए TTL टाइम पे डिपेंड करता है। ये अपने मन से सेट नहीं करेगा। राइट? तो कैसे के बारे में आप ऐसा समझो कि जो टीटीएल इधर सेट हुआ है उसी के बेस पे इतने उतने टाइम पीरियड तक इस आईपी के ये होल्ड रख पाएगा अपने पास। अदरवाइज़ कैसे से रिमूव कर देगा। ठीक? ये पार्ट तो एडमिन का हो गया जो डोमेन सेट कर रहा है। डोमेन सर्वर सेट कर रहा है। डीएनएस सर्वर कॉन्फ़िगर कर रहा है। ठीक है? ओके। अब इधर आ जाओ। इधर से क्वेरी रिप्लाई आई और रिप्लाई आने के बाद फाइनली इधर फिर प्रॉपर IP एड्रेस पे रिक्वेस्ट गई और रिक्वेस्ट जाने के बाद ओपन हो गया। तो जब भी कोई आपसे कैसे के बारे में बात करे तो दो टाइप के हो गया। एक हो गया सर्वर एंड पे अथॉरिटेटिव सर्वर एंड पे और एक हो गया आपके लोकल मशीन। ये जो आपका लोकल कंप्यूटर है ये वाला ये इस पे भी तो कैसे है आपका जो ऑपरेटिंग सिस्टम होता है या वेब ब्राउज़र होता है उस पे डिफॉल्ट सेटिंग होती है कैसे की कि कितने टाइम पीरियड तक वो इंफॉर्मेशनेशन को रख सकता है। आप कहोगे सर हम चेंज कर सकते हैं। ये रजिस्ट्री में एंट्री होती है। इतना आसान नहीं होता चेंज करना। रजिस्ट्री के अंदर ये सारी एंट्री होती है। डेवलपमेंट के टाइम पे सारी चीजें सेट की जाती है। ठीक है? ओके। अब आप ऐसे समझो कि इसका इंटरनल कैसे अब आप कहोगे कि सर ठीक है इंटरनल कैसे है तो उसको रिमूव कैसे करेंगे इसको क्लियर कर सकते हो एक कमांड होती है सिंपली आप कमांड प्र्ट में जाओ आईपी कॉन्फिग स्पेस स्लश फ्लश डीएनएस मतलब अगर कोई पुरानी एंट्री है तो रिमूव रजिस्टर डीएनएस भी आप चला सकते हो रजिस्टर डीएनएस करोगे कोई न्यू एंट्री होगी वो आपकी कंटिन्यू हो जाएगी क्लियर हो गई बात तो फ्लश डीएनएस की कमांड से आप इसके कैसे को रिमूव कर सकते हो ठीक है? इधर मैं बात कर रहा हूं लोकल सिस्टम पे। तो इसका कैसे अलग है? इस रिजॉल्वर के पास किस टाइम पीरियड तक इसके IPपी एड्रेस की इंफॉर्मेशन रखनी है वो डिपेंड करता है टीटीएल वैल्यू को। ठीक? इसके बेस पे ये होल्ड करेगा। 1 मिनट ओके ओके ओके वेट वेट वेट। हम ओके ठीक है। ध्यान से देखो। मुझे लग रहा है आपको समझ में आई बात? अभी डायग्राम आगे है फिर उसके थ्रू भी समझेंगे तो और अच्छे से क्लियर होगा। तो ये पॉइंट यहां तक ओके अब कुछ ट्रबल शूटिंग वाले पॉइंट्स पे बात कर लें। ट्रबल शूटिंग पॉइंट क्या होते हैं? आपका जो कंप्यूटर है जो ये वाला पीसी है इस पे वेबसाइट ओपन कर रहे हो नहीं खुल रही तो क्या प्रॉब्लम आ सकती है? आप कहोगे वेबसाइट ओपन कर रहे हैं। नहीं ओपन हो रही है तो प्रॉब्लम क्या आएगी? पहला काम ये करेंगे IP कॉन्फ़िग स्पेस फ्लश डीएनएस भाई कमांड प्र्ट में जाएंगे। आईपी कॉन्फ़िग आप चलाते हो स्पेस स्लैश प्लस डीएनएस चलाओगे उसके बाद दोबारा से ओपन करके देखोगे फिर से वेब ब्राउज़र में जाओगे ओपन हो जाती है तो ठीक है ऐसे क्लियर कर दिया आपने नहीं होती तो क्या करोगे अब आप ये बोलना चाह रहे हो इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर को कि सर फौ्टी प्रॉब्लम आपके यहां से है तो आप डायरेक्टली नहीं बोल सकते आप क्या करो अपने सिस्टम में जाके जो IP एड्रेस है वो डायरेक्टली आप Google IP दे दो 8.8 Google डीएस IP दे दो Google IP Google डीएनएस सर्वर का आईपी। ठीक? इससे होगा क्या? एक ट्रबल शूटिंग का तरीका है कि इसको इग्नोर कर देना। इग्नोर बोलो या बाईपास बोलो। इसको बाईपास कर देगा। डायरेक्टली इस रिज़ॉल्वर के पास इनेशन नहीं जाएगी। और 8.8 से अगर क्वेरी रिज़ॉल्व हो जाती तो आप अपने सर्विस प्रोवाइडर को बोल सकते हो कि आपके डीएनएस के एंड से प्रॉब्लम है। क्योंकि मैंने 8.8 की इनेशन दी तो प्रॉब्लम कहां है? आपके एंड से। ऐसा बोल सकते हो और ट्रबल शूटिंग क्या कर सकते हो आप एक कमांड होती है एनS lookup सीएमडी में कमांड चलाओगे एनS lookup एनS lookup में आपको डोमेन का नेम और उसका IPपी एड्रेस की इनेशन मिल जाएगी आप डायरेक्ट वेब ब्राउज़र में IPपी एड्रेस की डिटेल दो एंटर मारो वेबसाइट ओपन हो जाती है इट मींस डीएनएस से रिलेटेड प्रॉब्लम है IP से तो डायरेक्ट वेबसाइट ओपन हो रही है तो रिज़ॉल्वर की एंड से दिक्कत है क्लियर आ रही है बात मतलब मैं आपको क्लियर करना चाह रहा हूं कि डीएनएस का रोल कितना इतना बड़ा है। डीएनएस का रोल है। डीएनएस कंप्यूटर से क्वेरी निकली। क्वेरी गई आपके आईएसपी के पास। आईएसपी से गई रूट के पास। रूट से गई टॉप लेवल डीएनएस पे। टॉप लेवल से अथॉरिटेटिव। अथॉरिटेटिव से डायरेक्ट आईपी आया आईएसपी के रिज़ॉल्वर के पास और आईएसपी के रिज़ॉल्वर से आपके कंप्यूटर पे। वापस से रिप्लाई। ठीक है? स्ट्रक्चर थोड़ा सा क्लियर हुआ होगा मेरे हिसाब से। ठीक है? देखो अभी प्रीवियसली मैंने आपको एक बेसिक आईडिया दिया कि कंप्यूटर से सारे सर्वर्स तक जाना है। IP की एंट्री किस तरीके से आती है। क्लियर हो गया? दो ट्रबल शूटिंग पॉइंट बताए। एक आपको मैंने बताया उसका Google डीएनएस यूज़ करके देख सकते हो। एनS lookup करके देख सकते हो। ठीक है? तब आप बोल सकते हो कि कहां पे किस जगह प्रॉब्लम है। रिज़ॉल्वर एंड पे है या फिर आपका ऑथॉरिटेटिव से प्रॉब्लम है। ठीक है? अभी आ जाते हैं हाउ डीएनएस वर्क्स। यही चीज़ मैंने प्रीवियसली आपको बताई। बट अब डिटेल्स आप अपने पॉइंट्स भी बना सकते हो, नोट्स भी बना सकते हो कि फर्स्ट सिस्टम में ब्राउज़र कैसे जाएंगे। ऑपरेटिंग सिस्टम कैसे होता है वो मैंने बताया कि आपका वेब ब्राउज़र का भी कैसे होता है, ऑपरेटिंग सिस्टम का भी कैसे होता है। दोनों का डिफ़ॉल्ट कैसे की टाइमिंग सेट होती है। ठीक है? आफ्टर दैट रिक्वेस्ट सेंड द डीएनएस रिज़ॉल्वर। रिज़ॉल्वर कौन है? इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर वाला डीएनएस वही रिज़ॉल्वर है हमारे लिए। ठीक? आईएसपी डीएनएस लिखा हुआ है या फिर Google डीएनएस। Google डीएनएस तब बोला है जब आपका आपके सिस्टम के अंदर Google डीएनएस का आईपी दिया होगा तब वही रिजॉल्वर बनेगा और अदरवाइज जो आईएसपी के द्वारा डीएनएस क्रिएट किया गया हो वो हमारे लिए रिज़ॉल्वर डीएनएस रिज़ॉल्वर का काम करेगा रिज़ॉल्वर मतलब वही नेम रिज़ॉल्व करना नेम टू आईपी आईपी टू नेम क्लियर ठीक फोर्थ नंबर इफ रिकर्सिव रिज़ॉल्वर नॉट फाउंड दैट क्वेरीज़ टू रू डीएनए सर्वर मैंने आपको बोला था कि रिजॉल्वर को पता ही नहीं है कि भाई इस डोमेन नेम का IPपी एड्रेस क्या है? तो क्वेरी कहां चली जाएगी? रूट डीएनएस सर्वर पे। अब कह रहा है रूट डीएनएस गिव्स द IP टू टीएलडी डीएनएस सर्वर एड्रेस। भाई रूट कहेगा कि ठीक है रुको मेरे पास टॉप लेवल डीएनएस की इनेशन है अलग-अलग.com की अलग है।g की अलग है। की अलग है। आपका it index.in मतलब डोमेन.in से रिलेटेड है ना तो उधर कोई भेज देते हैं। कहां? टॉप लेवल डोमेन.in वाले के पास। ठीक है? ओके। जो टॉप लेवल वाला जो सर्वर था उसने रिप्लाई विद द आईपी ऑफ़ अथॉरिटेटिव डीएनएस। वो कहेगा कि मेरे पास आईटी इंडेक्स की इनेशन नहीं है। बट मैं इस डॉट इन पे जो आईटी इंडेक्स के जिस जगह रिकॉर्ड्स हैं ऑथरिटेटिव जो डीएनएस है जो ऑथराइज़्ड है डीएनएस उसका आईपी बता दूंगा। वहां भेज दूंगा। तो फाइनली हमें टीएलडी के थ्रू जो टॉप लेवल डोमेन है उसके थ्रू मुझे इंफॉर्मेशन मिल जाएगी। मेरे it इंडेक्स.in का जो अथॉरिटेटिव डीएनएस है उसके बारे में पता चल जाएगा। तो हम फाइनली पहुंच गए जिस जगह पे हमारे डीएनएस के रिकॉर्ड्स थे। ओके? तो ऑथरिटेटिव डीएनएस आफ्टर दैट ऑथरटिव डीएनएस रिप्लाई विद द एक्चुअल आईपी एड्रेस ऑफ़ द वेबसाइट। अब ऑथरटिव का मतलब जिसके पास आईटी इंडेक्स के रिकॉर्ड हैं। उसके पास आईपी होस्टिंग वही हुई होगी। तो होस्टिंग की इनेशन आईपी की भी इनेशन होगी। वो इंफॉर्मेशन किसको मिलेगी? वापस रिज़ॉल्वर को। अब रिजॉल्वर को पता चल गया आईएसपी वाले रिजॉल्वर को कि हां ठीक है भाई इस डोमेन नेम का ये IPपी एड्रेस होता है। तो फाइनली रिप्लाई विद द आईपी एड्रेस ऑफ़ द वेबसाइट। रिज़ॉल्वर हमारा जो है स्टोर्स इन इट्स कैसे रिज़ॉल्वर ने अपने कैसे में एंट्री रख ली कि यार बार-बार वही डोमेन नेम के बारे में आप पूछने आओगे। तो अब हम आपको रूट रूट टू टीएलडी टीएलडी टू अथॉरिटेटिव नहीं भेजेंगे। अभी मेरे कैसे में इस डोमेन नेम के यह IP की इंफॉर्मेशन इतने टाइम पीरियड तक है। इतने टाइम पीरियड मतलब यह डिसाइड आईएसपी का रिज़ॉल्वर नहीं करेगा कि कब तक आईटी इंडेक्स.in की कैसे में एंट्री रखनी है इसके आईपी की। यह डिसाइड करता है जो हमारा ऑथरिटेटिव सर्वर है जहां डीएनएस के रिकॉर्ड थे। वो डोमेन उस वहां टीटीएल वैल्यू सेट की गई कि इतने टाइम पीरियड तक रिजॉल्वर अपने पास इस डोमेन के आईपी के एंट्री रख सकता है। ओके ठीक है। रिजॉल्वर सेंड IP टू OS मतलब ऑब्वियस सी बात है जहां से क्वेरी आई है वापस उधर रिप्लाई जाएगा। ब्राउज़र कनेक्ट टू द स्पेसिफिक IP एंड फाइनली वेबसाइट ओपन हो जाएगी। समझ आ रहा है? लाइक, कमेंट और सब्सक्राइब जरूर करिएगा आप। ठीक? शेयर भी करिएगा। अगर असमझ आ रहा है। नहीं तो कोई बात ही नहीं भाई। ठीक? टाइप्स ऑफ़ मैसेजेस यूज़्ड इन डीएनएस। अब यह तो बात करें तो हम लोग बात कर चुके कि डीएनएस क्वेरी मैसेज की बात कर रहे हैं। डीएनएस रिप्लाई मैसेज की बात कर रहे हैं। डीएनएस अपडेट मैसेज की बात कर रहे हैं। तीन मैसेज हो गए। इसके बारे में क्वेरी तो मैं बोल ही रहा हूं बार-बार क्वेरी। अब क्वेरीज आएगी तो रिप्लाई भी तो आएगा। ये भी डन है। अब डीएनएस अपडेट मैसेज की बात कर रहे हैं। ठीक है? अपडेट में मतलब कुछ रिकॉर्ड ऐड हुए, कुछ रिकॉर्ड डिलीट हुए। राइट? उसी को ही अपडेट बोलते हैं। ठीक? सेंट बाय द क्लाइंट टू द रिजॉल्वर नेम यूडीबी पोर्ट नंबर 53 एंड आफ्टर दैट इट सेंड द आंसर फ्रॉम डीएनएस क्वेरी सेंड टू द रिजॉल्वर वही बात है कि यार क्वेरी जाएगी कंप्यूटर से रिज़ॉल्वर के पास रिप्लाई आएगा रिज़ॉल्वर से आपके सिस्टम के पास ठीक है अपडेट में बस देख लो यहां पे जैसे कोई इंफॉर्मेशन ऐड हुई कुछ रिमूव हुआ तो ऑब्वियस सी बात है वो अपडेट भी तो होनी चाहिए तो वो सारी होती है डीएनएस अपडेट मैसेज से रिलेटेड इधर वही चीज़ मैंने भेजी है इधर लिखा हुआ है देखो ध्यान से कि एक कंप्यूटर कंप्यूटर है। उस कंप्यूटर से हमारी डीएनएस क्वेरी गई है। डीएनएस क्वरी जाने के बाद जैसे ही कंप्यूटर से डीएनएस क्वरी किसके पास आई? इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास आई। और इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर के पास से क्वेरी चली गई रूट सर्वर के पास। रूट सर्वर से पता चला है कि भैया ये जो इसका टॉप लेवल डोमेन नेम क्या है? ये गई ना तो रूट सर्वर ने इसको बताया और बताने के बाद फिर कहां गए? जो टॉप लेवल डोमेन है। और टॉप लेवल डोमेन से फिर पता चला किसके पास? ऑथरिटेटिव के पास। ऑथरिटेटिव के पास गए। ऑथरिटेटिव से फिर आया कि हां ठीक आईपी मिल गया। मतलब रिजॉल्वर सारे काम कर रहा है। आईएसपी रिज़ॉल्वर क्या कर रहा है? मैं आईएसपी रिज़ॉल्वर की तरह काम करूं तो कैसे करूंगा? मुझसे आपने पूछा IT इंडेक्स.in तो मैं पहले रूट के पास जाऊंगा। रूट कहेगा अच्छा तुम्हें मैं टॉप लेवल का आईपी बता देता हूं टॉप लेवल डोमेन का। फिर मैं उसके पास जाऊंगा उस आईपी के बेस पे। टॉप लेवल डोमेन कहेगा मैं अथॉरिटेटिव आई सर्वर का आईपी बताता हूं। तो उससे आईपी लेके मैं अथॉरिटेटिव के पास जाऊंगा। अथॉरिटेटिव कहेगा मेरे पास it index.in का IP है। उससे मैं ले लूंगा। आपने कैसे मैं एंट्री कर लूंगा और आपको रिप्लाई कर दूंगा। क्लियर जिसने पूछा था। तो ये एक मेथड है सिंपल सा जो क्वेरी रिॉल्व कर सकते हैं। आई थिंक कई बार एक एग्जांपल दिया है। आपके समझ में तो आ जाना चाहिए भाई आपको। व्हाट इज़ डीएनएस रिकॉर्ड? डीएनएस रिकॉर्ड होते क्या है? तो कुछ मल्टीपल रिकॉर्ड्स हैं। लाइक ए रिकॉर्ड। ठीक है? जो IP वर्जन 4 के साथ और फोर टाइम से मतलब IP वर्जन सिक्स की बात कर रहे हैं। C नेम मींस कंप्यूटर नेम MX रिकॉर्ड Microsoft के अंदर जो MX रिकॉर्ड का बहुत बड़ा रोल है। लेकिन ये मैंने इनिशियली आपको बताया था सर्वर के अंदर अच्छा बताया मैंने आपको कि Microsoft का जो ऑपरेटिंग सिस्टम होता है सर्वर उसके साथ एक एक्सचेंज सर्वर होता है जिसको हम मेल सर्वर समझ लेते हैं। उसके लिए जो उसका अगर मैंने एक्सचेंज सर्वर नेटवर्क में सेटअप कर रखा है और वह डोमेन कंट्रोलर जो Microsoft का सर्वर है उसके साथ इंटीग्रेट कर रखा है तो फ़ाइनली जो डीएनएस का रिकॉर्ड होगा उसके अंदर आपको एमएक्स रिकॉर्ड भी देखने को मिलेगा अगर नेटवर्क के अंदर आपका मेल सर्वर प्रेजेंट है तो मींस एक्सचेंज सर्वर प्रेजेंट है तो ठीक इन केस ऑफ़ सर्वर बात कर रहा हूं एनएस रिकॉर्ड एनS रिकॉर्ड का मतलब क्या है? एनएस रिकॉर्ड में फाइनली नेम सर्वर इज़ अथॉरिटेटिव फॉर द डोमेन कह रहा है टेल व्हिच नेम सर्वर कौन सा नेम सर्वर जो है वो डोमेन के लिए अथॉरिटेटिव है ठीक है पीटीआर रिकॉर्ड मैप आईपी एड्रेस टू द डोमेन नेम ठीक है यहां पे कुछ ज़ों्स भी बनते हैं फॉरवर्ड लुकअप ज़ोन रिवर्स lookup ज़ोन आप कहोगे सर डीएनएस सिखाओगे कब लैब कब कराओगे मैं आपको जो सर्वर वाला पोर्शन है उसमें डीएनएस की ए टू जेड सारी डिटेल्स बताऊंगा उसकी प्लेलिस्ट अलग आएगी ठीक है ओके। तो उसमें सारी चीजें मिलंगी आपको। उसमें तो मैं सर्वर कॉन्फ़िगर ही करेंगे। एक-एक डीएनएस, फॉरवर्डर, आईपी, सेटिंग, एवरीथिंग नेम सर्वर सेटअप करना। जितने रिकॉर्ड्स हैं, सारे रिकॉर्ड्स बताएंगे। एसओए टोटल रिकॉर्ड्स जितने रिकॉर्ड्स नए-नए रिकॉर्ड्स हम ऐड करते जाते हैं। उन सबकी स्टार्टअप अथॉरिटी के अंदर नंबर ऑफ़ रिकॉर्ड्स आपको टोटल शो करेंगे। एसआरवी रिकॉर्ड यूज़्ड टू लोकेट सर्विसेस एंड द पोर्ट्स। सर्विसेस उन पोर्ट्स के लिए हो गए। सीए रिकॉर्ड रिलेटेड टू द सर्टिफिकेट्स। राइट? एसएसएल सर्टिफिकेट्स वगैरह आप नहीं देखते हो कि जब वेबसाइट ओपन करते हो तो लॉक बन के आ जाता। ठीक? तो इस टाइप से सर्टिफिकेट्स वगैरह की इनेशन। तो ये सारी चीजें हम लोग डीएनएस रिकॉर्ड्स के अंदर देखते हैं। ओके? आ जाते हैं फिर वापस क्योंकि बार-बार वही चीजें डिस्कस हो रही हैं। जब तक हम क्वेरी को समझ ना पाए। तो वही सेम थिंग है कि फाइनली रूट है। रूट के बाद रूट डीएनएस सर्वर्स हैं। उसके बाद आपके टॉप लेवल डीएनएस है। टॉप लेवल डीएनएस के बाद आपके अथॉरिटी है। अथॉरिटेटिव के बाद आपका जो सर्विस प्रोवाइडर का डीएनएस है। और उसके बाद फाइनली वहां से आईपी की इनेशन आपके कंप्यूटर में ओपन हो जाएगी। तो डीएनएस हेरिक बोल सकते हो। इसका प्रीवियस वाले का मतलब है डीएनएस का। अब इसको ऐसे लिखा है। नहीं तो इनिशियली मुझे याद है 2003 और 2004 या फाइव में मैं जब डीएनएस पढ़ाता था तो मुझे याद है हमेशा बोलते थे कि फर्स्ट लेवल डीएनएस.in.com पहले रूट हो गया उसको जैसे यहां पर टॉप लेवल डीएनएस कर रहे हैं तो मैंने पढ़ाते समय जो फर्स्ट लेवल डीएनएस फिर सेकंड लेवल डीएनएस फर्स्ट लेवल में हो गया। के अंदर जो आपका google.com है। तो google.com में क्या है कि वो अथॉरिटेटिव डीएनएस हो गया। राइट? तो नाम से सारी चीजें वन बाय वन एक्सप्लेनेशन है। ठीक है? अब इधर आपको टोपोलॉजी मिल गई। थोड़ा डायग्राम मिल गया। उससे आईडिया लग गया। यह देख लो। यह अच्छी चीज है कि लिस्ट ऑफ द टॉप लेवल जो हमारे टॉप लेवल डोमेन है उनकी लिस्ट क्या है? जब आप डॉट यूज़ करते हो तो कमर्शियल पर्पस टर्म है। वैसे लोग देखा जाए तो इसी टर्म के अकॉर्डिंग ही लेना चाहिए। राइट? जैसे आप ओआरजी यूज़ कर रहे हो तो नॉन प्रॉफिटेबल ऑर्गेनाइजेशन जो कंपनीज़ एनजीओस वगैरह चलाते हैं ओआरजी लगा लेते हैं। इंफॉर्मेटिव कोई चीज़ है आप कोई वेबसाइट बनाई आपने और इंफॉर्मेशनेशन के लिए बनाई है कि सिंपली लोगों को इंफॉर्मेशनेशन मिलती रहे तो लगाते हो ऐसा डोमेन आप खरीद लो। नेट नेटवर्क से डॉटb बिनेस से एजुकेशन edu अक्सर एजुकेशन वाले जो पोर्टल होते हैं वो edu के साथ ऐसा नहीं एजुकेशन वाले edu ही लेंगे आप.com भी ले सकते हैं। बहुत सारे एजुकेशन चैनल है.com ले सकते हैं। बट रिप्रेजेंटेशन बताई जा रही है कि इसका मतलब क्या है?gov.in इस तरीके सेin क्या है? अब ये कंट्री वाइज़ है। इंडिया से रिलेटेड यूएस बहुत सारी वेबसाइट मिल जाएंगी। यूके, एयू, ऑस्ट्रेलिया, चाइना, सीएच, एफआर, फ्रांस। तो जैसे हम लोग अपने यहां यूज़ कर लेते हैं। अब ये.

AaQ है क्या? एक्चुअल में है क्या कि.com तो ग्लोबल हो गया। तो कई बार मिलता नहीं है। जैसे हमें IT indx.com नहीं मिला। it indx.in मिला तो हमने india बेस पे.in ले लिया। ठीक? तो हमारा जो टॉप लेवल डोमेन है वो कौन सा है? वो.in है। क्लियर? ओके। ओके। आई थिंक मुझे लग रहा है सारी चीजें अच्छे से समझ में आपको आ गई। अच्छा अभी आगे और है। ओके। ठीक है। देखो टाइप ऑफ लुकअप फॉरवर्डिंग मतलब फॉरवर्ड लुकअप ज़ोन एंड बैकवर्ड लुकअप ज़ोन जिसको आप रिवर्स लOKUP ज़ोन बोलते हो। फॉरवर्ड लOKUP ज़ोन एंड रिवर्स लुकअप ज़ोन का मतलब इतना है। फॉरवर्ड का काम है नेम टू IP रॉल्व करना। मतलब फ़ॉरवर्ड लुक ज़ोन के अंदर जो रिकॉर्ड्स होंगे, उन रिकॉर्ड्स से रिलेशन क्या है? अगर हमारी क्वेरी नाम से जाती, तो उसको IP वापस में मिल जाएगा। तो IP से आपका वेब पेज ओपन हो जाएगा। लेकिन आप कोई ऐसा ट्रैफिक जनरेट करते हो कि जो IP टू नेम रेोल्यूशन के लिए है वो रिकॉर्ड्स आपको रिवर्स लुकअप ज़ोन में मिलेंगे। जिसको आप बैकवर्ड लOKUP भी बोल सकते हो। अक्सर रिवर्स बोलते हैं बट यहां पर आप याद कर सकते हो कि बैकवर्ड लुकअप भी बोल सकते हैं। ओके? तो फॉरवर्ड लुकअप ज़ोन नेम टू IP रिवर्स IP टू नेम। ज़ोन क्या है? इट इज़ अ ग्रुप ऑफ़ डीएनएस डेटाबेट दैट कंटेन्स द डोमेन एंड मैनेज्ड बाय द अथॉरिटेटिव डीएनएस सर्वर। ग्रुप है क्योंकि जोन बोल रहे हैं तो उसमें मल्टीपल आ जाते हैं। फॉरवर्ड लुकअप जोन, रिवर्स लुक अप जोन। ठीक है? ओके? आगे आते हैं। रूट डीएनएस टॉप लेवल डोमेन एंड अथॉरिटेटिव देने। थोड़ी और डिटेल। ठीक है? समझो ध्यान से। रूट डीएनएस क्या है? टॉप मोस्ट लेवल इन द डीएनएस हेर की। सबसे ऊपर रहता है डीएनएस हेर की में। ये तो बात ही कर रहे थे अभी तक। ठीक? डज़ नॉट आईपी एड्रेस ऑफ़ वेबसाइट। रूट लेवल कहता है हमारे पास वेबसाइट। आपकी वेबसाइट जो ओपन कर रहे हो उसका आईपी नहीं है। ठीक? हम आपका जो टॉप लेवल है वहां भेज देंगे आपको। ठीक है? ओके? ओनली नोज़ द टीएलडी सर्वर। देयर आर 13 ए टू एम रूट डोमेन क्लस्टर मैनेज्ड बाय ग्लोबली। मतलब ये कह रहा है ग्लोबली जो टोटल नंबर ऑफ़ कितने हैं? वो 13 है आपके। ठीक है? रूट सर्वर्स। ठीक है? टॉप लेवल डोमेन क्या है? मैनेज्ड डोमेन एक्सटेंशन एक्सटलin.org डॉट क्या है? ये एक्सटेंशन ही तो है। ऐसे फाइल में नहीं करते हो। डॉट डॉ फाइल है। डॉट xml फाइल है डॉट जेपीजी फाइल है। ये एक्सटेंशन ही तो बोलते हैं। तो सेम थिंग यहां बोलो कि मैनेज डोमेन एक्सटेंशनंस डज़ नॉट स्ट द एंड आईपी। ये भी कह रहा है भाई। टीएलडी टॉप लेवल डोमेन के पास आईपी की इनेशन नहीं होती। वो ये बता दे रहा है कि अथॉरिटेटिव डीएनएस कौन है? आपके वेबसाइट का आईपी नहीं बता पाएगा। ठीक है? अथरेटिव डीएनएस की इंफॉर्मेशन होती है और अथॉरिटी एक्चुअल आईपी किसके पास होता है? अथॉरिटेटिव डीएनएस के पास। इसके पास आईपी की इंफॉर्मेशन होती कटाक से आपके आईपी की इनेशन रिज़ॉल्वर को भेज देगा। रिज़ॉल्वर वापस रिप्लाई कर देगा। ऑपरेटिंग सिस्टम जहां से रिक्वेस्ट आई हुई है जिस वेब पेज से रिक्वेस्ट आई है। ओके? आई थिंक अच्छे से क्लियर हुआ होगा। वेरी गुड। सारी चीजें कंप्लीट कर दी हम लोगों ने। तो डीएनएस समझ में आ गया। लाइक सब्सक्राइब जरूर करें। कमेंट्स भी करें अगर अच्छे से समझ में आ गया। थैंक यू सो मच एंड थैंक्स फॉर वाचिंग दिस

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