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Dr.Robin Sharma · @DrRobinSharma
Words
2,615
Runtime
14:54
Speaking pace
176wpm
Reading time
11min
176 words per minute, between the 160 25th percentile and the 181 median of 349 measured videos. That distribution comes from the 349-video hook study.
Opening (first 30 seconds)
अच्छा आप एक बात बताइए अगर मैं इस गिलास में पानी भरूं तो कितनी देर में भरेगा? 1 मिनट में, 2 मिनट में या फिर 5 मिनट में? अच्छा रुकिए मैं इसे अगर नल के नीचे रख देता हूं। अब तो शायद भर ही जाएगा। है ना? आप भी कहेंगे डॉक्टर साहब आपको भी दिख रहा है इसके नीचे छेद। यह कभी नहीं भरने वाला। आप चाहे लोटे से भरो, नल खोल दो या पूरी टंकी ही उेल दो। सारा पानी नीचे से निकल। पर मैं अगर आपको
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Sentence shape
| Measure | This transcript |
|---|---|
| Sentences | 13 |
| Average words per sentence | 201.2 |
| Longest sentence | 565 words |
| Questions asked | 11 |
| Sentences containing a number | 10 |
Most used terms
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अच्छा आप एक बात बताइए अगर मैं इस गिलास में पानी भरूं तो कितनी देर में भरेगा? 1 मिनट में, 2 मिनट में या फिर 5 मिनट में? अच्छा रुकिए मैं इसे अगर नल के नीचे रख देता हूं। अब तो शायद भर ही जाएगा। है ना? आप भी कहेंगे डॉक्टर साहब आपको भी दिख रहा है इसके नीचे छेद। यह कभी नहीं भरने वाला। आप चाहे लोटे से भरो, नल खोल दो या पूरी टंकी ही उेल दो। सारा पानी नीचे से निकल। पर मैं अगर आपको कहूं कि आप भी तो ऐसी ही गलती कर रहे हो। प्रोटीन के नाम पनीर खा रहे हो, दालें खा रहे हो, कोई तो हजारों हजारों रुपए के डब्बे पिए जा रहा है और नीचे से सब निकले जा रहा है क्योंकि आपके भी ग्लास में छेद है। मतलब आपका पाचन तंत्र कमजोर है। दरअसल थाली में लिखा प्रोटीन और शरीर में पचा प्रोटीन दो अलग-अलग चीजें हैं। इसलिए आज की लिस्ट थोड़ी अलग होने वाली है। इसमें सोयाबीन तो होगा जिसे प्रोटीन की रैंकिंग के हिसाब से पहले नंबर पर होना चाहिए क्योंकि 100 ग्राम सोयाबीन के अंदर आपको तकरीबन 36 [संगीत] ग्राम के करीब प्रोटीन मिलता है। पर मेरी रैंकिंग में तो पहले नंबर पर नहीं बल्कि 10वें नंबर पर है। क्योंकि आज की रैंकिंग प्रोटीन की मात्रा के आधार पर नहीं बल्कि कितनी आसानी से आपका शरीर उसे पचा सकता है। उसे यूज कर सकता है। उसके आधार पर होगी। वरना भरे जाना इस ग्लास को जो कभी नहीं भरने वाला। 15 साल की प्रैक्टिस में मैंने हजारों मरीजों को देखने के बाद अपनी ये रैंकिंग बनाई है। ये आपको किसी किताब में नहीं मिलेगा। नमस्कार, मेरा नाम है डॉ. रोबिन शर्मा और इस वीडियो के खत्म होते-होते इस ग्लास के छेद को बंद करने का वो तरीका भी बताऊंगा। वो तीन तरीके जिनसे इन 10ों चीजों का प्रोटीन आपका पूरा शरीर सोख लेगा। बिना ₹1 खर्च। पर आगे बढ़ने से पहले आपको एक छोटा सा काम करना [संगीत] है। कमेंट्स में आप सिर्फ अंदाजा लगाइए। लिखिए कि नंबर एक पर कौन सी चीज होने वाली है। आखिर में मिलान करेंगे किसका अंदाजा सही निकला। चलिए प्रारंभ करते हैं नंबर 10 के साथ। नंबर 10 पर है सोयाबीन, 36 ग्राम प्रोटीन और वो भी कंप्लीट प्रोटीन। सारे के सारे नौ एसेंशियल अमीनो एसिड इसके अंदर पाए जाते हैं जो आमतौर पर सिर्फ एनिमल प्रोटीन में मिलते हैं। सोयाबीन कागज पर बादशाह पर बादशाह केवल [संगीत] वही अच्छा होता है जो हमारे लिए काम करे ना कि केवल कागजों पर काम करे। सोयाबीन आपके पेट के लिए सबसे भारी चीजों में से एक है। आपने भी राजीव दीक्षित जी के वो बहुत सारे वीडियो देखे होंगे जिसमें वो सोयाबीन को आदमियों का खाना नहीं बल्कि सूअरों का खाना कहकर संबोधित करते थे। क्योंकि गैस, पेट फूलना, भारीपन यह उन प्रमुख समस्याओं में से एक है जो इसे खाने के बाद अधिकतर लोग अनुभव करते हैं। और जिम जाने वाले लड़के तो सोया चंग्स ऐसे खाए जा रहे हैं जैसे मुफ्त में यह [संगीत] राशन में बांट रहे हो। फिर शाम को घर में जो माहौल बनता है, घरवाले अलग से परेशान होते हैं। आओ और आप अलग। खाना है तो सही तरीके से खाइए। सोया चंग्स कम से कम 15 मिनट पानी के अंदर भिगोइए। गर्म पानी में भिगोइए और फिर निचोड़कर सब्जियां पुलाव में डालकर खाइए। हफ्ते में दो से तीन बार एक कटोरी से ज्यादा नहीं मेरे हिसाब से आपको खाना चाहिए। और जिनको [संगीत] खासतौर पर थायराइड की दिक्कत है उनके लिए तो सोयाबीन जितना कम हो उतना अच्छा। नंबर नौ पर आता है दिल्ली और जम्मू वालों का हीरो राजमा। तकरीबन 24 ग्राम प्रोटीन और भरपूर फाइबर। एनर्जी भी धीरे-धीरे आपको इससे इसके प्रयोग से मिलती है जिससे ब्लड शुगर एकदम से नहीं उछलता। पर सच बोलूं तो राजमा ताकत देने से पहले आपसे मेहनत करवाता है। बिना रात भर भिगोए हुए अगर गलती से इसे [संगीत] बनाकर खा लिया तो गैस की यह फैक्ट्री बन जाता है और वो राजमा चावल खाने के बाद जो आपको नींद आती है जिसे आप आराम समझते हो वो आराम नहीं बल्कि आपके शरीर की मजबूरी होती है क्योंकि सारी ताकत आपके पेट में लगी रहती है। आपके दिमाग को जबरदस्ती छुट्टी करवानी पड़ती है। अगर खाना ही है तो रात भर भिगोकर खाइए। वो भी इसका पानी फेंक दीजिए। ताजे पानी में इसे इतना गलाइए कि उंगली से यह दब जाए। हफ्ते में एक से दो बार और वो भी केवल दिन के समय। रात के समय खाएंगे तो अपने पेट से ही दुश्मनी कर रहे हैं। और जिनका यूरिक एसिड बढ़ा हुआ रहता है वो तो बहुत सीमित मात्रा में इसका प्रयोग करें बेहतर रहेगा। नंबर आठ पे आता है गरीबों का बादाम। तकरीबन 26 ग्राम प्रोटीन। इसलिए इसे देसी [संगीत] बादाम कहते हैं। दाम देखिए और प्रोटीन देखिए। बराबरी बिल्कुल नहीं हो सकती। पर एक दिक्कत है। मूंगफली में लगभग आधा तेल होता है और हम खाते हैं आधा-आधा किलो एक बार में और फिर रात को बोलते हैं पता नहीं खाना आज क्यों नहीं बच रहा। बदहजमी क्यों हो रखी है? अरे पेट में खाने की जगह आप छोड़ोगे तभी तो बचेगा। तरीका इसका सही क्या है? मुट्ठी भर के करीब मूंगफली रात भर भिगोकर सुबह खाइए या फिर भूनकर आप मुट्ठी भर के करीब अधिक से अधिक खा सकते हैं। भिगोने पर भारीपन घटता है। पचना आसान हो जाता है। मुट्ठी भर से दोस्ती रखिए बोरी भर के नहीं। नंबर सात पे आता है घोड़े वाली ताकत काला चना। तकरीबन 22 ग्राम प्रोटीन के साथ-साथ आयरन जो खून बनाएगा और मैग्नीशियम जो मसल्स की रिकवरी के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। पर मेरे पास बहुत सारे लोग शिकायत लेकर आते हैं। डॉक्टर साहब चना पचता ही नहीं है। मैं पूछता हूं चबाया कितना है? ताकत घोड़े जैसी चाहिए पर चबाना घोड़े जितना नहीं है। निकले जा रहे हो आप। बस तो सही तरीका सुनिए। रात भर भिगोकर सुबह उसके अंदर नींबू, काला नमक, प्याज वगैरह डालकर आप इसे खाएं तो ज्यादा बेहतर रहेगा। और जिनका पाचन तंत्र बहुत ज्यादा कमजोर है या दांत नहीं है वो बाल कर खाइए। और अगर अंकुरित करके खाते हैं तो और भी बेहतर रहेगा। रैंकिंग एकद रैंक और ऊपर छलांग ले लेती है। पर ध्यान रखो ग्लास का जो छेद है ना वो अभी भी खुला हुआ है। बंद करने का तरीका आखिर में बताऊंगा। नंबर छह पर आता है छोटा पैकेट बड़ा धमाका पंपकिन सीड्स कद्दू के बीज तकरीबन 30 ग्राम प्रोटीन और मैग्नीशियम इतना कि मसल्स की जकड़न और नसों की खिंचावट पर यह सीधा काम करता है। और जिंक जो आपकी इम्युनिटी से लेकर पुरुषों के हार्मोंस दोनों के लिए जरूरी है। पर यहीं पर लोग सुपर फूड को सुपर डोज बना देते हैं। Instagram पर रील देखी और अगले ही दिन आधी कटोरी भरकर। अरे भाई यह बीज है अनाज नहीं। एक से दो चम्मच रोजाना वो भी भिगोकर इसका प्रयोग करना चाहिए। मुट्ठी मुट्ठी भर के नहीं। ज्यादा खाने से क्या-क्या नुकसान होंगे उसके ऊपर मैंने एक पूरी डिटेल वीडियो कुछ दिनों पहले बनाई थी। आप वो देख सकते हैं। नंबर पांच पर आता है जिसे आप दिमाग के लिए खाते हैं आप पर पेट से कभी नहीं पूछते। जी हां, मैं बादाम की बात कर रहा हूं। तकरीबन 21 ग्राम प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन ई और मैग्नीशियम का बहुत अच्छा सोर्स है। आपकी स्किन, आपकी नर्व्स, आपकी मसल सबके लिए बहुत अच्छा है। पर बादाम की असली कहानी छिलके में है। छिलके में ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो इसके पोषण को ताले में बंद रखते हैं। रात भर पानी में भिगोकर वो ताला ढीला हो जाता है और छिलका उतार कर चाबी पूरी घूम जाती है। और मजे की बात देखिए याददाश्त के लिए हम बादाम खाते हैं और यही भूल जाते हैं कि इसे रात को भिगोकर रखना है। छह से सात बादाम भीगे हुए आप छीले हुए रोजाना सुबह खाली पेट चबा चबा कर खाइए। पर हां ध्यान रखिए अगर बादाम फ्री में भी मिलते हो ना तो मुट्ठी भरभर के कभी नहीं चाहिए। क्योंकि इनमें होता है ढेर सारा ऑलेट जो किडनी स्टोन जैसी समस्याओं का भविष्य में आपको शिकार बनाएगा। यही बात आप याद रखना। आधी लिस्ट पार हो चुकी है। कमेंट्स में जो आपने अंदाजा लिखा था देखते जाइए आप कितने पास उसके पहुंच गए। नंबर चार पर आता है वो नाम जो सुनकर आधे लोग बोलेंगे ये क्या होता है? जी हां मैं राजगीरा की बात कर रहा हूं जिसे कुछ लोग रामदाना कहते हैं। तकरीबन 14 ग्राम के करीब इसमें प्रोटीन होता है। नंबर आपको जरूर छोटा लगेगा पर क्वालिटी सुनिए। इसमें लाइसिन होता है। वो अमीनो एसिड जो गेहूं, चावल जैसे अनाज में भी लगभग नहीं होता। यानी जो कमी आपकी रोटी में है वो राजगीरा पूरी कर सकता है और ऊपर से हम इसे [संगीत] अन्य चीजों के मुकाबले थोड़े बड़ी क्वांटिटी में कंज्यूम करते हैं तो ज्यादा प्रोटीन आपको इससे मिलेगा और सबसे बड़ी बात यह व्रत का खाना है। सोचिए क्यों? क्योंकि हमारे बुजुर्ग जानते थे जो चीज व्रत में खाली पेट भी आराम से पच जाए वो पेट पर कभी बोझ नहीं बन सकती। पर हम लोग आजकल के [संगीत] फैशन के चक्कर में विदेशी किनवा ₹800 किलो घर पर लेकर आते हैं। उसका देसी बाप मैं कहूंगा राजगिरा हमारी गली की दुकानों पर चौथाई दाम में बैठा इंतजार कर रहा है। कमी उसमें नहीं बस उसकी मार्केटिंग ढंग से नहीं हो रही है। इसके लड्डू बनाइए इसको दूध में पकाकर खीर जैसा खाइए या आटे में मिलाकर रोटी की तरह किसी भी तरह खाइए इससे आपको फायदा ही मिलेगा। नंबर तीन पर आता है शाकाहारी लोगों का फेवरेट चीज पनीर। तकरीबन 18 ग्राम के करीब प्रोटीन के साथ-साथ इसमें भरपूर मात्रा में कैल्शियम होता है। यानी मसल्स और हड्डी दोनों का एक साथ इंतजाम। पर पनीर के साथ आपको दो शर्तों का पालन करना पड़ेगा। पहला यह ताजा हो घर पर फटे हुए दूध से पनीर [संगीत] आप तैयार करें। वरना तो आपको पता ही है मार्केट में आप खाने जाएंगे पनीर मिलेगा एनालॉग पनीर। उल्टा आपके कोलेस्ट्रॉल वगैरह और बढ़ बढ़ जाएगा। दूसरी शर्त इसको केवल दिन में खाइए। रात को खाएंगे तो आप अपनी बॉडी नहीं अपना डाइजेशन खराब कर रहे हैं। हम जैसे डॉक्टर्स की जेब भरने का इंतजाम कर रहे हैं। ऊपर से रात को नींद भी नहीं आएगी। 50 ग्राम के करीब कच्चा पनीर उसके अंदर आप काला नमक, काली मिर्च, भुना हुआ जीरा आप डालकर खा सकते हैं। [संगीत] दोपहर का समय सबसे बेस्ट है। अब बात करते हैं नंबर दो की और यहां पर नाम आता है सत्तू का। जी हां, वही हमारा देसी प्रोटीन शेक। तकरीबन 20 ग्राम के करीब इसमें प्रोटीन होता है। पर इसकी रैंकिंग इतनी ऊंची क्यों है? क्योंकि यह भुन गया है। चना भुन [संगीत] गया मतलब आधा काम आग ने पहले ही कर दिया। पेट को बस बाकी का आधा करना है। इसलिए सत्तू भारी चने का हल्का रूप है। और गर्मी में [संगीत] पेट को ठंडक अलग से देता है। बिहार यूपी के लोग 8आ [संगीत] घंटे शरीर तोड़ने वाली मेहनत किसके दम पर करते हैं? सत्तू के घोल पर। कोई डब्बा नहीं, कोई स्कूप नहीं बस सत्तू। और एक हम है डिब्बे पर विदेशी झंडा देखकर लगता है असर भी विदेशी निकलेगा। 2000 का डब्बा अपने घर पर लेकर आते हैं और ₹20 का सत्तू पुराने जमाने [संगीत] की चीज हमें लगता है। तरीका एक गिलास पानी, दो चम्मच के करीब सत्तू, नींबू, काला नमक, भुना हुआ जीरा, नमकीन आपको बनाना है तो नमक डालिए वरना चीनी डालकर भी इसका शरबत जैसा बनाकर कोई काफी लोग पीते हैं। याद रखिए जो भुन चुका है वह आधा पच चुका है। बस इसके साथ आपको एक चीज का दरअसल दो चीजों का ध्यान रखना होगा। पहला इसको बरसात के मौसम में भूनकर भी प्रयोग नहीं करना। दूसरा दूध में मिलाकर कभी प्रयोग नहीं करना। अब बात करते हैं नंबर एक की। वही जिसका अंदाजा मैंने आपको लगाने के लिए कहा था। नंबर एक पर है मूंग की दाल। तकरीबन 24 ग्राम के करीब प्रोटीन इसके अंदर मिलता है। सोयाबीन के 36 ग्राम से काफी नीचे पर यह नंबर वन रैंकिंग पर है। क्योंकि सवाल यह नहीं है कि आपकी थाली में कितने ग्राम प्रोटीन है बल्कि आपका शरीर कितनी आसानी से उसको अब्सॉर्ब कर सकता है। और मूंग की गवाही मुझसे मत लीजिए। अस्पतालों से लीजिए जब आपका शरीर सबसे ज्यादा कमजोर होता है या फिर ऑपरेशन के बाद या बुखार के बाद तब हर डॉक्टर आपको एक ही बात बोलता है मूंग दाल की खिचड़ी बनाकर दीजिए। अब खुद सोचिए जो चीज बीमार पेट भी हमारा आसानी से पचा ले वो [संगीत] स्वस्थ शरीर में जाकर क्या कमाल करे और यह बात आज की नहीं है। चरक संहिता में श्रेष्ठ चीजों की सूची में फली वाली दालों में सबसे श्रेष्ठ मूंग को कहा गया। हजारों सालों पहले यह रैंकिंग हुई थी। मैं तो केवल आपको बस याद दिला रहा हूं। अंकुरित मूंग, मूंग का चीला, खिचड़ी, तड़के वाली पीली दाल जिस रूप में चाहे आप इसका प्रयोग कीजिए। बच्चों को प्रयोग करवाना है, बच्चों को करवाइए, बुजुर्ग को करवाना है। हर पेट का यह दोष, ताकत वही जो पच जाए। वरना तो वो गिलास पानी याद है ना आपको? बाकी लिस्ट अभी पूरी नहीं हुई है। एक और चीज बाकी है। नंबर जीरो। जी हां, नंबर जीरो। छाछ। आप कहेंगे डॉक्टर साहब छाछ में तो प्रोटीन कितना ही होता है। बिल्कुल नाम मात्र का है। बिल्कुल सही कह रहे हैं। इसलिए लिस्ट में नहीं है पर यह लिस्ट के ऊपर है। छाछ खुद तो प्रोटीन नहीं है पर इन 10ों चीजों के प्रोटीन को आसानी से पचाने में आपकी सहायता करेगा। वो खिलाड़ी नहीं है पर आपकी टीम का कोच है। जो खुद नहीं खेलता बल्कि खिलाड़ियों को खेलना सिखाता है। दोपहर के खाने में एक गिलास के करीब छाछ, भुना हुआ जीरा, काला नमक डालकर आप इसका प्रयोग कीजिए। रात को मत कीजिएगा। तो छाछ ने इस छेद को छोटा तो कर दिया पर बंद नहीं किया। बंद करने के लिए तीन तरीके बता रहा हूं। स्क्रीनशॉट लेकर रख लीजिए। यह इस वीडियो का सबसे कीमती हिस्सा है। सबसे पहला तरीका है जोड़ी बनाकर। अकेली दाल अधूरा प्रोटीन है। अकेला अनाज अधूरा है। पर दाल चावल या खिचड़ी बनाकर जब आप खाते हैं, चने के साथ रोटी की आप जब जोड़ी बनाकर खाते हैं तो प्रोटीन पूरा आपको अच्छे से आपकी बॉडी अब्सॉर्ब कर पाती है। आपकी दादी को अमीनो एसिड शब्द के बारे में नहीं पता था। पर वो जोड़ी बनाती आई थी। साइंस आज उसे मान रहा है। वो ना जाने कब से इसे करती आ रही थी। दूसरा खाने से पहले उनको जगाओ। भिगोना, अंकुरित करना, भूनना। यह तीनों सोए हुए अनाज को जगाने का तरीका है। सोई हुई चीज आप मत खाइए। उसे जगाकर खाइए। और तीसरा सबसे जरूरी अग्नि। आप केवल तब खाइए जब आपको भूख लगे। बिना भूख के खाया हुआ खाना आग पर पानी छिड़कने जैसा है। घड़ी देखकर मत खाइए बल्कि अपनी भूख अपने पाचन तंत्र को देखते हुए खाइए। बस इतना कर लीजिए। तीन हफ्ते के अंदर आपका शरीर खुद ब खुद बोलने लगेगा। पेट आपको हल्का महसूस होगा। सुबह ताजा महसूस होगा। वही घर का खाना दोगुनी [संगीत] ताकत देता हुआ महसूस होगा। अब आखिरी बात यह वीडियो आपको दो लोगों तक जरूर पहुंचाना है। पहला घर का वो जिम वाला लड़का जो डब्बों पर पैसे फूंक रहा है और दूसरा जो 50 पार करने वाले हैं जिनके हाथ अचार का ढक्कन नहीं खोल पाते। दोनों को प्रोटीन चाहिए और दोनों का ही तरीका गलत है। शेयर कर दीजिए और कमेंट्स में बताइए आपका अंदाजा सही निकला था या नहीं और आपकी उम्र क्या है ताकि अगली वीडियो में मैं आपके हिसाब से वीडियो बना पाऊं। जय आयुर्वेद।
The words are the caption track's own and nothing is reworded or re-transcribed. Paragraph breaks are placed between sentences so the text reads as prose.
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