Getting the transcript
Reading the captions from YouTube. A video nobody has opened here before takes 10 to 30 seconds; this page fills in on its own.
Getting the transcript
Reading the captions from YouTube. A video nobody has opened here before takes 10 to 30 seconds; this page fills in on its own.

Zindagi Gulzar Hai · @ZindagiGulzarHaiOfficialHumTv
Where viewers went back to watch this video again, from YouTube's public Most replayed graph, lined up with what was said at that moment.
Most replayed moment #1
26:015.8x the video's typical replay level
Said at 0:00
Most replayed moment #2
28:235.4x the video's typical replay level
[संगीत]
Said at 28:19
Most replayed moment #3
31:565.1x the video's typical replay level
Said at 0:00
The graph counts replays. It does not show where viewers stopped watching.
Words
3,254
Runtime
39:24
Speaking pace
83wpm
Reading time
14min
83 words per minute, below the 160 25th percentile of 349 measured videos. That distribution comes from the 349-video hook study.
Opening (first 30 seconds)
[संगीत] नाश्ता तो कर ले भूख नहीं है रात के लिए क्या कुछ नहीं अरे ये क्या बेटा? तुमने तो कुछ खाया ही नहीं। भूख नहीं लगी अम्मी। क्यों भूख नहीं लगी? इस हालत में खाना नहीं रोकते। चलो मैं देख रही
42 words, the words spoken in the first 30 seconds at 83 words per minute.
Free, no signup. See how the first 30 seconds hold attention, with rewrites.
Sentence shape
| Measure | This transcript |
|---|---|
| Sentences | 81 |
| Average words per sentence | 40.2 |
| Longest sentence | 378 words |
| Questions asked | 80 |
| Sentences containing a number | 3 |
Run the check on the words above: where attention is likely to drop, with a rewrite for each weak line. The free check shows the scores and the one issue costing the most.
What this transcript is
Every word below is the caption track YouTube publishes for this video, pulled from the video itself and reproduced unchanged. It is not Prepublish's writing, not a summary, and not a re-transcription: it is the video's own published captions. Hindi captions, generated automatically by YouTube, in the video’s original language. Source: the video on YouTube. A channel that would rather this page did not exist can ask for its removal through the contact page, and it is removed.
[संगीत] नाश्ता तो कर ले भूख नहीं है रात के लिए क्या कुछ नहीं अरे ये क्या बेटा? तुमने तो कुछ खाया ही नहीं। भूख नहीं लगी अम्मी। क्यों भूख नहीं लगी? इस हालत में खाना नहीं रोकते। चलो मैं देख रही हूं तुम्हें। जारू ने कुछ ज्यादा ही स्पॉइल कर दिया है। उसने नहीं मैंने उसकी आदतें बिगाड़ दी है। उसके पास कौन है वहां? नाजिम है। कुछ खानावाना बना के देकर आई हो? जी। बहुत अच्छा है। अब जबकि तुमने उसे अपने हाथ के पके हुए खाने की आदत डाल दी है ना तो जब भी बाहर कहीं जाओ बेटा तो खाना फ्रीज कर दिया करो। मैं जब तुम लोगों के पास थी ना बेटा मैंने देखा है कि जारून अपने खाने पीने का बिल्कुल भी ख्याल नहीं रखती। पता नहीं सुबह नाश्ता करके गया ऑफिस कि नहीं। अमजद भी बड़ी देर से आता है। वो छोटा बच्चा तो नहीं है। भूख लगी होगी तो खा लेगा कुछ ना कुछ। घर से नहीं खाएगा तो। ऑफिस से कुछ खा लेगा। सो, थैंक यू एवरीबडी फॉर जॉइनिंग अस टुडे फॉर अ ग्रेट प्रेजेंटेशन ऑन दी एचआर डिपार्टमेंट्स प्रोग्रेस। आई विल टेक यू थ्रू रिक्रूटमेंट ट्रेनिंग एंड अ न्यू एचआर इनिशिएटिव दैट वी कम अप विद लेट्स स्टार्ट विथ रिक्रूटमेंट बेसिकली वी हैड 71 इंडक्शंस लास्ट ईयर ऑफ व्हिच द मेजोरिटी वर इन जूनियर मैनेजमेंट इनफैक्ट 74% 20% इन मिडिल मैनेजमेंट एंड ओनली 7% इन सीनियर मैनेजमेंट एम्प्लई टर्नओवर वाज़ एक्चुअली क्वाइट गुड लास्ट ईयर वी हैड अ नंबर ऑफ़ ट्रेनिंग्स मोस्ट ऑफ़ ट्रेन इन प्रोडक्शन बट वी आल्सो मैनेज सम ट्रेनिंग्स इन कॉर्पोरेट एंड टेक्निकल एस वेल। सो जारून व्हाट डू यू थिंक वास। सॉरी आई वास बी डिस्ट्रैक्टेड। जिंदगी खाक ना थी खाक उड़ाते गुजरी जिंदगी खाक ना थी खाक उड़ाते वन मोन मैन तुम मर्द लोग कभी थक नहीं जाते इतना झूठ बोल कर। क्यों? इसमें झूठ बोलने वाली क्या बात है? आई एम अ वन वूमेन मैन। आई एम वैरी सीरियस। यू नो। मैं शादी के बाद अपनी ब्यूटी से डिसऑनेस्टली में बिलीव नहीं करता। [संगीत] तुम्हें यकीन नहीं है मुझ पर। [संगीत] थोड़ा वक्त दो। फिर आ जाएगा। फिर तुम्हारे सब झूठ, सच, सबके बारे में पता चल जाएगा। [संगीत] हस्बैंड और वाइफ के दरमियान ट्रस्ट होना बहुत जरूरी होता है। बिलीव अभी होता है। हां, मैं भी इसी बात पर यकीन करती हूं। लेकिन ट्रस्ट के नाम पर आंखों में धूल झोंकना इसमें मैं बिलीव नहीं करती। तो तुम्हें लगता है मैं तुम्हें धोखा दे सकता हूं। मैंने ये तो नहीं कहां से आंसर [संगीत] कश्य तुम्हें मेरे हवाले से किसी भी किस्म का शक और शुभा है नहीं ऐसी तो कोई बात नहीं है अगर ऐसी कोई बात है भी ना तो उसे अपने ज़हन से बिलकुल निकाल दो क्योंकि शादी के बाद मुझे किसी भी लड़की में दिलचस्पी नहीं हुई और अगर होती भी तो मैं छुपा के पहना चलाऊं। मैं शादी कर [संगीत] तो मुझे दूसरी शादी की धमकी दे रहे हो क्या? धमकी कहां दे रहा हूं मैं तुम्हें? मैं तो तुम्हें बस ये बता रहा हूं कि जो भी करूंगा खुल्लम खुल्ला करूंगा। पता नहीं अगर अब तुम्हारे इस बात पे मुझे तुम्हें अप्रिशिएट करना चाहिए या तुमसे खफा हो जाना चाहिए। अप्रिशिएट करना चाहिए क्योंकि मुझे समर्थ कहीं [प्रशंसा] [संगीत] [प्रशंसा] बार चौक सी जाती है मुसाफत दिल की किसकी आवाज़ थी ये किसको बुलाते गुजरी [संगीत] एक पूरा दिन गुजर गया और उसने फोन नहीं किया और कुछ नहीं तो कराची पहुंच के बता देती मुझे बहन नाम की चीज नहीं है इस औरत में जारून का फोन आया बेटा नहीं कल से तुम आई हुई हो उसने एक बार भी फ़ोन करके तुम्हारी खैरियत दरियाफ्त की। तो क्या हुआ? मुझे भी इसकी कोई परवाह नहीं है। तो तुम फ़ कर लेती। उसे बता देती कि तुम ठीक हो। वो बेचारा परेशान हो रहा होगा घर में बैठ कर तुम्हारे बारे में। वो मेरे बारे में परेशान नहीं होने वाला। वो तो बिजी होगा अपने लाइफ के साथ, दोस्तों के साथ। कश्यप तुम ज़ारूम से झगड़ कर आई हो। कुछ ऐसा ही समझ। मगर क्यों बेटा? किस बात पे झगड़ा हो गया? मम्मी ऐसा सवाल मत पूछिए। मैं आपको उसका जवाब नहीं दे सकती। देखो बेटा मियां बीवी में झगड़ा हो जाता है। लेकिन उसका यह मतलब नहीं कि हर बार झगड़ने के बाद इंसान अपना घर छोड़ दे। आप ऐसी बातें क्यों करती हैं? क्या आपको लगता है कि मैं छोटी-मोटी बात पर घर छोड़ने वालों में से हूं? कुछ हुआ होगा ना? इसीलिए मैंने ये स्टेप किया है। अगर तुम कहो तो मैं फोन करके बात करती हूं। पर कोई मसला है तो उसका हल तलाश करते हैं बेटा। अम्मी अगर मैं पैच अप करना चाहती तो मैं घर छोड़ के नहीं आती। वैसे भी उसने तो मुझे घर से नहीं निकाला। मैं अपनी मर्जी से यहां आई हूं। मैं टच अप नहीं करना चाहती तो फिर तुम क्या चाहती हो? मत पूछिए अम्मी। मैं खुद भी नहीं जानती मैं भी क्या चाहती हूं। देखो बेटा जल्दबाजी में कोई फैसला मत कर। क्योंकि ये सिर्फ तुम्हारी जिंदगी का मसला नहीं है। ये तुम्हारे बच्चों की जिंदगी का मामला भी है। अभी मैं सिर्फ इस वजह से ब्लैकमेल नहीं होंगी कि मैं मां बनने वाली हूं। मेरे बच्चों का क्या होगा? मैं सेल्फ रिस्पेक्ट, इक्वलिटी और लॉयल्टी के बेसिस पे अपना रिश्ता रखना चाहती हूं जरूर के साथ। मजबूरी ब्लैकमेल और बच्चों की वजह से नहीं। अमजद जी साहब तेरा ब्लैक सूट किधर है? यही वार्ड्रोब में लटका हुआ होगा। आओ देखो। किधर? सॉरी साहब याद आया। धोबी के पास गया। तो अब क्या पहन के जाऊंगा मैं? आप कुछ और पहन ले कल मैं ले आऊंगा। तुम्हें एडवाइस देने के लिए बुलाया मैंने। हम [संगीत] सारा दिन बातें करते रहना। काम मत करना। बाथरूम का हाल देखा है तुमने? जैसा छोड़ के जाता हूं वैसे का वैसा ही रहता है। बाथरूम तो कश्यप बीवी साफ करते हैं साहब। अब तुम्हें बता दिया ना मैंने। अब तुम वैसे ही करना। जी अच्छा। अच्छा बीवी कब आएंगे साहब? तुम्हें इससे क्या मतलब है? जाओ जाके काम करो। [संगीत] मुझे नहीं परवाह वो जो चाहे करे जिसके साथ चाहे फिरे जब मैंने उसके साथ जिंदगी गुजारनी ही नहीं तो उसके बारे में सोचना भी नहीं चाहती मैं [संगीत] कश्यप से शादी मेरी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती थी। तुम्हें अंदाजा नहीं है कितना पछता रहा हूं मैं गलती के लिए। मुझे अंदाजा है जारू। यू फॉरगेट। आई नो यू बेटर यू नो योरसेल्फ। ठीक कहते थे कश्यप के बारे में। मेरे और उसके दरमियान कुछ भी घमा नहीं है। आई एम सो सॉरी सारू। मेरी वजह से तुम्हारे और कश्यप के बीच में इतने मसले खड़े हो गए। मुझे भी अंदाजा नहीं था कशिफ इतनी बेवकूफ हो सकती है। कसूर तुम्हारा है। तुम्हें उसे हमारे बारे में बता देना चाहिए था। तुमने क्यों छुपाया है सब कुछ उसे? सही कह रही है तू। मेरे को खुद समझ नहीं आ रहा मैंने उससे सब कुछ छुपाया कि क्या कहना था उसने कुछ भी नहीं मैं उसकी जगह होती शायद ऐसे रिएक्ट करती कुछ डिफरेंसेस मैं तुमसे कुछ भी एक्सपेक्ट कर सकता हूं उससे नहीं कर सकता मैं अच्छा इतना भी उसकी साइड लेने की जरूरत नहीं है लगता है कि आपकी बेटी और बहू में कोई झगड़ा हो गया है। क्यों? क्यों का जवाब तो आप उन्हीं से पूछिएगा। लेकिन कुछ गड़बड़ है जरूर। कश्यप से फोन पर बात हुई तो वो कह रही थी जारून घर पर नहीं है और अभी जारून से बात हुई है तो वो कह रहा है कि वो दो घंटे से घर पर बैठकर टीवी देख रहा है। हम मुझे तो दोनों में कोऑर्डिनेशन की कमी लग रही है। आपको मजाक सूझ रहा है और मुझे फिक्र हो रही है। मुझे खुशी हो रही है। इतने महीनों से मैं अपने बेटे पर रश करते-करते हसत करने लगा था। अब उसे टेंशन में देखकर मुझे खुशी हो रही है कि शादी सब पर बारी हो। मुझे कम से कम आपसे इस चीज की तवको नहीं थी। बात कर लेना उनको समझा देना समझ जाएंगे। आई होप सो [संगीत] क्या है साहब? खाना लगा दिया। लगा दो मैं आ रहा हूं। [संगीत] अमजद ये साहब गोश कच्चा है कच्चा तो नहीं था साहब कचा है तो मैं कह रहा हूं ना वरना मेरा दिमाग खराब है कि तुम्हारे खानों में नुकस निकालूंगा मैं। भू आ रही है इसमें से। गोश्त तुम आज लेके आए हो। ये अभी ताजी बनाई है। आज लाया। ये दाल कौन सी बनाई तुमने? तुम्हें पता है ना मैं ये दाल नहीं खाता। [संगीत] पता नहीं क्या करते रहते हो सारा दिन। खाने बनाने भूल गए हो तुम? ये खाना बनाना नहीं है। आप खाना खाना भूल गए। अच्छा जाओ यार। [संगीत] ये जो शौहर होते हैं सबसे नाशुक्री मखलूक होते हैं। और यह जो तरीके सलीके की बातें करती है ना कि दो कौड़ी की वैल्यू होती है। कोई याद नहीं रखता खिदमतों और सलीकों को। तुम्हें कैसे पता बेटा? तुम तो यहां बैठी हो। याद करता होगा वो। आप खामोखा में खुशफहमियां ना डालें मेरे दिमाग में। इसीलिए शादी नहीं करनी थी मुझे। इस मुसीबत में नहीं फंसना था मुझे। बड़ा शौक था ना आपको कि शादी कर लूं? जरूर ये करेगा, वो करेगा। अच्छी भली जिंदगी थी मेरी। खामोखा में बर्बाद हो गई। अल्लाह ना करे बेटा। कैसी बातें कर रही हो? जारून वैसा ही मर्द निकला जैसे सारे होते हैं। कोई फर्क नहीं उसमें। तुम्हारी सास ने तुम्हें फोन किया था ना। हो सकता है जारून ने कहा हो उन्हें। अमी जारून ने उन्हें कुछ नहीं कहा। उन्होंने तो बाय चांस फ़ किया मुझे। बेटा ये कब तक चलेगा? क्यों? तंग आ गई आपसे? अरे नहीं बेटा ऐसी बात नहीं है। लेकिन मियां बीवी को आपस के झगड़े को इतना लंबा नहीं खींचना चाहिए बेटा। वरना छोटी सी बात बहुत बड़ी हो जाती है। अम्मी ये छोटी सी बात नहीं है। और आपको क्या लगता है कि छोटी सी बात में मैं वो घर छोड़ के आउंगी जिसे मैंने इतनी मोहब्बत से बनाया था। अच्छा चलो मुझे बताओ बात क्या है? शायद मेरे पास कोई हल हो। इस मसले का हल सिर्फ जारून के पास है। पता नहीं उसके पास अब हल है भी या नहीं। [संगीत] बहुत मोहब्बत की थी मैंने उससे। क्या उसे मेरी मोहब्बत की कोई कदर नहीं है? तुम तो उससे बहुत मोहब्बत करती हो बेटा। तो तुम क्यों नहीं झुक जाती? नहीं। कम से कम इस मसले में मैं नहीं झुकूंगी। क्यों जिद करती हो बेटा? मोहब्बत में कोई हिसाब किताब नहीं होता। कोई अना नहीं होती। और झुकने वाला सबसे बड़ा होता है बेटा। [प्रशंसा] [संगीत] अच्छा भला आजाद जिंदगी गुजार रहा था। पता नहीं किस पागल कुत्ते ने काटा कि शादी कर लो। किसी के साथ कुछ शेयर नहीं कर सकता मैं। क्या बताऊं किसी को मैं? और वो क्या समझती है मुझे? मैं ऐसा लोफर लफंगा हूं कि मैं अपनी बीवी की परवाह नहीं करूंगा। अपने होने वाले बच्चों की परवाह नहीं करूंगा और ऊपर से अपनी पुरानी मंगेतर के साथ अफेयर चलाता फिरूंगा। हद होती है। इतने दिन गुजर गए उसे एक बार भी ख्याल नहीं आया कि मुझसे एक्सक्यूज कर ले। चलो एक्सक्यूज ना सही यार। फ़ोन कर ले। फ़ोन ना सही तो मैसेज ही कर देती है। ओम [संगीत] ये सारे मर्द वाकई बड़े सेल्फिश होते हैं। उनको औरत की फीलिंग्स का कोई ख्याल नहीं होता। ना कोई परवाह होती है। अपनी जात के अलावा उनको किसी की परवाह हो ही कैसे सकती है। मुझसे शादी करने के बाद भी आसमान उसके दिल से नहीं गई। दिल में रखना था तो रखता। लेकिन उसे मिलना क्यों शुरू कर दिया उसने?
[संगीत] कशा [संगीत] इतना क्यों रो रही हो बेटा? ऐसा क्या हो गया? मेरे साथ कभी कुछ अच्छा नहीं होता। ये देखो मेरी परवाह नहीं [संगीत] तुम समझदार हो पढ़ी लिखी हो खुद एक औरत हो तो फिर क्यों कर रही हो ऐसी बातें हैं बेटा तुम्हें तो खुश होना चाहिए कि तुम मां बनने वाली है तुम्हें तो अल्लाह से दुआ मांगनी चाहिए कि औलाद सेहतमंद बेटा हो या बेटी क्या फर्क पड़ता है? क्या फर्क पड़ता है? फर्क पड़ता है अम्मी। कम से कम मुझे इस माशरे में तो पड़ता है। जारू ने तो कभी भी तुमसे ये मुतालबा नहीं किया कि बेटा ही हो। तो फिर क्यों अपने ज़हन पे इस बात को सवाल कर रही हो? क्योंकि मुझे पता है उसको बेटा ही चाहिए। नहीं बेटा उसने ऐसा कभी नहीं कहा। लेकिन अगर वो ऐसा सोच रहा है तो मैं समझाऊंगी उसे। आप क्या समझाएंगी उसे? मैं यहां बैठी उसे कोई परवाह है मेरी और अब बेटियों का पता चलेगा तो क्या करेगा वो? पहली औलाद है बेटा। बेटा फिर हो जाएगा। क्या हुआ जो बेटी है? पहली औलाद है। लेकिन बेटी नहीं बेटियां हो रही है मेरी। वैसे कश्य मुझे तुम्हारे इस रद्दे अमल की तवकको नहीं थी। सारी उम्र मैंने कितनी मेहनत की है तुम लोगों पर। बेटे और बेटे की तमीज को मिटाते मिटाते उम्र गुजार दी मैंने। पर तुम घर आने वाली रहमत पर रो रही हो बेटा। बुरी बात का श इधर आओ। अच्छा बस मैं एक औरत के तौर पर कमजोर और बुज़दिल नहीं थी। लेकिन फिर बेटियों की मां होने का सुनकर क्यों हो गई हूं? मैं मुनाफिक हूं या मजबूर या अपनी सारी बहादुरी तालीम और आजादी के बावजूद भी वही एक रवायती औरत जरूर उनकी बेवफा बेवफाई को इग्नोर करूं अपनी औलाद के लिए या अपनी जिंदगी को इन दो बच्चों के साथ अकेले प्लान करूं वैसे ही जिंदगी गुजारने की तैयारी करूं जो मेरी मां ने मेरे बाप के होते हुए गुजारी। [संगीत] वुमन ये कौन है? मैं जानती थी वो मेरी कॉल नहीं लेगा। गलती की उसको फोन करके। खुद को इतना झुकाया। क्या फायदा हुआ?
[संगीत] हेलो कैसे हो तुम? आई एम फाइन। तुम कैसी हो? मैं डॉक्टर के यहां गई थी। तो [संगीत] बेटियां हो रही है। [संगीत] मैं वापस आना चाहती हूं। अपने घर आना चाहती हूं। आ जाओ। [संगीत] अम्मी ने पंखा इतना तेज क्यों कर दिया? एक और ख्वाब। पता नहीं इन अजीब किस्म के ख्वाबों से कब जान छूटेगी मेरी। [संगीत] 56 क्या हो गया तुम्हें? तुम कब आए? सुबह 6:00 बजे की फ्लाइट। इतनी जल्दी क्या थी? तुम्हारी क्यों थी? तुम असमारा के साथ चक्कर क्यों चला रहे थे? तुम मुझसे पूछे बगैर घर छोड़ के क्यों गई? तुमने मुझे रोका क्यों नहीं? तुमने कहा क्यों नहीं? मैं क्यों कहती? मैं क्यों रोकते हैं?
[प्रशंसा] तुम आए क्यों? तुम्हारे लिए थोड़ी आए। लेकिन बेटियों के लिए आए हैं। तुम मेरे लिए नहीं आए। तुम्हारे लिए क्यों आता मैं? तुम तो एक एवरेज लूंगी लड़की हो। जिद्दी, शककी गुस्सा करने वाली बेवकूफ लड़की जो मुझसे मोहब्बत तक नहीं करती। पर तुम एक इंतहाई खुद गर्ज तंग दिल और फ्लर्ट मर्द हो। जो हर औरत के साथ मोहब्बत कर लेता है। इस बात का जवाब मैं उठ के दूंगा। अगर याद रहा तो तुम मेरी जिंदगी में आने वाले पहले और आखिरी मर्त हो। तुम्हारे अलावा मैंने कभी किसी से मोहब्बत नहीं की। और तुम्हारे बाद मैं किसी से मोहब्बत नहीं कर सकूंगी। [संगीत] हेलो [संगीत] अब सो जा अब मुश्किल है। एक बात बताऊं? प्रेग्नेंट हुई तब रोना शुरू हो गई। बच्चियों का पता चला तब भी रोना शुरू हो गया। खुशी के मारे गए आंसू का कभी मैंने सुना है लेकिन ये खामखा के रोने धोने का कभी नहीं सुना मैंने। तुम सो जाओ। वाकई में तुम्हें बहुत नींद आएगी। सो जाओ। [प्रशंसा] मुझे तो होने ऑनेस्टली स्पीकिंग यकीन नहीं आ रहा कि तुम उस मुझ पे शक कर सकते हो। मैंने तुमसे झूठ इसलिए बोला क्योंकि मुझे तुमसे डर लगता तुम्हें मुझसे डर लगता है। एक और झूठ। आई स्क्वेयर यार। मुझे वाकई में तुमसे डर लगता है। क्यों? तुम्हें खोने से डर लगता है। तुम कुछ नहीं कहोगी। क्या? कुछ भी? कुछ भी क्या? अरे भाई कुछ भी है यार। तुम चाहते हो मैं तुमसे इजहार मोहब्बत करूं। नहीं वो तो मैं पहले ही जानता हूं। [संगीत] तो तुम चाहते हो कि मैं तुमसे अजीब फिल्मी डायलॉग्स बोलूं। कहोगे ज़ारू मैं भी तुम्हारे बिना मर जाऊंगी। तुम्हारे घर के सिवा मैं कहीं और खुश नहीं रहूंगी। तुम पास नहीं होते। तो मुझे अधूरा महसूस होता है। तुम ये सब मुझसे कहोगी। सवाल ही पैदा नहीं होता। क्यों? तुम मुझसे रोमांस शुरू करना चाह रहे हो अब? क्यों नहीं कर सकता तुमसे रोमांस? चलो करो। बोलो। बताओ। क्या? कुछ रोमांटिक? तुम चाहती हो मैं तुमसे रोमांस करूं। तंग नहीं करो अब भाई। ले ना मैं तुम्हें तंग कर सकता हूं ना मैं तुम्हारे साथ रोमांस कर सकता हूं। कर क्या सकता हूं मैं? मां-बाप के घर बिठा के छोड़ दिया तब मैं याद नहीं आई तुम्हें? मैंने तुम्हें बिठाया। बीवी खुद छोड़ के गई थी तुम मुझे। कोई परवाह नहीं है तुम्हें मेरी। तुमने मुझे रोका क्यों नहीं फिर? मैं तुम्हें कहता मर गई होती। हां। तो फिर ठीक है मैं कह रहा हूं। क्या ये आइंदा अगर तुमने इस घर के बाहर कदम भी रखा है तो तुम्हारी टांगे तोड़ दूंगा मैं। ठीक है। इतनी आसानी से मान गई तू। देख कभी आएगी खुशियां। कभी गम आएंगे। जिंदगी बहुत सी अजीब बातों का एक मजमुआ है। अजीब बातें इत्तेफाकात मौज पास दफा समझ नहीं आती। अगर इसको कभी एक जुमले में डिफाइन करना पड़े तो वो क्या होगा? गुलजार है जिंदगी गुलजार है जैसे जारून उसको कहता है ये इश्क का दरबार है [संगीत] किसी के गम को बांटना [संगीत] ही प्यार है जिंदगी वाकई गुलजार ये प्यार बीवी फैमिली औलाद के साथ [संगीत] इससे ज्यादा की ख्वाहिश तो कभी नहीं कर सकता मैं है [संगीत] ये इश्क का दरबार है जारून को आदत है मुझे फ्लैटर करने की उसे यह काम ना आता होता तो वो मुझे इतने आराम से कंट्रोल ना कर लेता। कंट्रोल कंट्रोल शायद एक गलत लफ्ज है। मुट्ठी में करना शायद एक ज्यादा बेहतर एक्सप्रेशन है। उसने मेरी जिंदगी की बहुत सारी कमियों को पूरा किया है। मेरी सोच को तब्दील किया है उसने। उसने मुझे औरत होने के एहसास से कमरी से निकाल दिया। बेटा पैदा करने के जुनून में मु्तला नहीं होने दिया। हमारी दो ही बेटियां हैं। यहां तितलियां मुस्कुराती है। तो गीतों में ढल जाती है। यहां जुगनू जब कई साल पहले मैं अपनी जिंदगी में आने वाली हर तकलीफ पर अल्लाह ताला को इल्जाम दिया करती। शिकायतों का एक ढेर था जो मैं हर वक्त उसके सामने लगा दिया करती थी। मुझे हमेशा इस चीज का अफसोस रहेगा कि मैं अल्लाह को गलत समझती थी। उसकी ताकत और हिकमत के बारे में गलत अंदाजे लगाती थी। जिंदगी [संगीत] गुलजार। मुझे लगता था कि अल्लाह मुझसे प्यार नहीं करता। हालांकि अल्लाह तो हम सबसे प्यार करता है। वो नेमतें भी देता है और आजमाता भी है। लेकिन यह बात पता नहीं जल्दी समझ क्यों नहीं आती। ये इश्क का दरबार है। इयर्स ऑफ़ मैरिटल प्लेस। और इन तमाम सालों में अल्लाह ने बहुत मेहरबानियां की है मुझ पर। और मैं उसका जितना भी शुक्र अदा करूं वो कम है। ये माना के आंखों में आंसू है। दिलों में बसी बेबसी चलो ये भी माना कि अपनों से बेहतर है अजनबी यहां रास्ते [संगीत] दुश्वार है [संगीत] और मंजिल उस है मगर इसे जीने को दिल तैयार है। ये प्यार है। जिंदगी अभी खत्म नहीं हुई। बस फर्क यह है कि अब मेरी डायरी में अल्लाह से शिकवे कम हो गए हैं। मैंने उन चीजों पर राजी होना सीख लिया है जो वो मुझे देता है और उन चीजों की तलाश छोड़ दी है जो ला हासिल है। [संगीत] जिंदगी गुलजार है। ये इश्क का दरबार है। [संगीत]
The words are the caption track's own and nothing is reworded or re-transcribed. Paragraph breaks are placed between sentences so the text reads as prose.
Free tools for your own script: paste a draft and see where it stands before you record it.
Paste your draft and see where viewers are likely to drop off, with a rewrite for each weak line.
Paste the first 30 seconds of your own draft for a hook score and rewrites.
Check your draft against YouTube's advertiser-friendly guidelines before you record it.
Read this channel's public videos and transcripts, and download a writing brief for it.